Tikamgarh Hospital: जमील खान \टीकमगढ़। जिला मुख्यालय स्थित राजेंद्र अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित नजर आ रही है। स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया के बीच बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें घंटों लाइन में लगने के बावजूद राहत नहीं मिल रही। अस्पताल में अव्यवस्था, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और भ्रष्टाचार के आरोपों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों का आरोप है कि कई दिनों और महीनों तक चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हो रहा, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
घंटों लाइन में इंतजार, फिर भी नहीं बन रहा प्रमाण पत्र
Tikamgarh Hospital: अस्पताल परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, पुरुष और छोटे बच्चों के अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं। उमस भरी गर्मी और तेज धूप के बीच घंटों इंतजार करने के बावजूद कई लोगों को बिना काम कराए ही लौटना पड़ रहा है।
पीड़ितों का कहना है कि स्कूलों में प्रवेश की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता सबसे अधिक है, लेकिन अस्पताल की लचर व्यवस्था के कारण बच्चों के भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है।
कंप्यूटर ऑपरेटर के न मिलने से अटके काम
स्थानीय लोगों के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र बनाने का कार्य देखने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर अक्सर अपनी सीट से गायब रहते हैं। कई बार पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी संबंधित कर्मचारी नहीं मिलते, जिसके कारण आवेदकों को बिना काम के वापस लौटना पड़ता है।लोगों का आरोप है कि कई आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं और उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।
रिश्वत मांगने के भी लगे आरोप
Tikamgarh Hospital: पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जन्म प्रमाण पत्र जल्दी बनवाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से रुपए मांगे जाते हैं। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए काम समय पर नहीं होता, जबकि सरकारी प्रक्रिया के तहत यह सेवा आम नागरिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जानी चाहिए।हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
Tikamgarh Hospital: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि अधिकारी शिकायतों के बावजूद मूकदर्शक बने हुए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में भी लोगों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।
दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण सबसे ज्यादा परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मजदूरी और रोजमर्रा के कामों का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।अभिभावकों का कहना है कि यदि समय पर जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिला तो बच्चों का स्कूल में प्रवेश भी प्रभावित हो सकता है।
कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग
Tikamgarh Hospital: पीड़ितों और स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि राजेंद्र अस्पताल की व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए अतिरिक्त स्टाफ और काउंटर की व्यवस्था करने, नियमित रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा यदि भ्रष्टाचार की शिकायतें सही पाई जाएं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और आम नागरिकों की सरकारी सेवाओं तक पहुंच पर पड़ेगा। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब इस अव्यवस्था से लोगों को राहत मिलती है।







