Rain Havoc on Infrastructure: सूरजपुर: मानसूनी बारिश में बहे दो-दो रपटे; करोड़ों की पुलिया के बाद लाखों का निर्माण मलबे में तब्दील, कलेक्टर ने बैठाई जांच

VIKASH KHALKHO

Rain Havoc on Infrastructure: सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले में हुई पहली ही मानसूनी बारिश और नदियों के तेज जलप्रवाह को लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेतु संभाग और ठेकेदारों द्वारा बनाए गए रपटे झेल नहीं पाए। महज कुछ ही घंटों की तेज बारिश में जिले के दो अलग-अलग विकासखंडों में लाखों रुपये की लागत से बने रपटे पानी में ताश के पत्तों की तरह बह गए।

इस बुनियादी विफलता के बाद क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सूरजपुर कलेक्टर रैना जमील ने तत्काल एक्शन लिया है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

मामला 1: प्रतापपुर में करोड़ों की पुलिया के बाद अब लाखों का रपटा डूबा

पहला मामला प्रतापपुर विकासखंड के धोन्धा–गोविंदपुर–रमकोला मार्ग का है। यहाँ PWD के सेतु विभाग द्वारा क्षेत्रीय आवागमन को सुचारू बनाने के लिए एक नए रपटे का निर्माण कराया जा रहा था। इसी मार्ग पर कुछ समय पहले बनी करोड़ों रुपये की एक मुख्य पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अब इस नए रपटे के बहने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर उंगलियां उठ रही हैं।

  • ग्रामीणों का पक्ष: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रपटे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था और इस पर से लोगों का आना-जाना भी शुरू हो गया था। घटिया निर्माण के कारण यह पहली ही बारिश में बह गया।

  • विभाग का तर्क: दूसरी ओर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य अभी आधिकारिक तौर पर पूरा नहीं हुआ था। काम प्रगति पर था और इसी बीच अचानक हुई तेज बारिश व नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण यह हादसा हुआ।

मामला 2: भैयाथान में महज 15 दिन पहले बना 15 लाख का रपटा ढहा

प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा और चौंकाने वाला उदाहरण जनपद पंचायत भैयाथान के अंतर्गत ग्राम पंचायत डबरीपारा में देखने को मिला। यहाँ गोबरी नदी पर महज 15 दिन पहले ही 15 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से एक रपटा बनकर तैयार हुआ था। लेकिन पहली ही तेज मानसूनी बारिश में यह नवनिर्मित रपटा पूरी तरह ढहकर नदी में विलीन हो गया।

जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क; ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें

इन दोनों रपटों के क्षतिग्रस्त होकर बह जाने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। रास्ते बंद हो जाने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना स्कूली बच्चों, दैनिक मजदूरों, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों को करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और जिला मुख्यालय तक पहुँचने के लिए कई किलोमीटर का लंबा, उबड़-खाबड़ और घुमावदार रास्ता तय करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

“प्रशासन ने दरकिनार की थी हमारी चेतावनी” — ग्रामीणों का आक्रोश

घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब इस रपटे का निर्माण कार्य चल रहा था, तब उन्होंने निर्माण सामग्री की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में शिकायत सौंपी थी। ग्रामीणों ने समय रहते चेतावनी दी थी कि यह निर्माण पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगा, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने जनभावनाओं और तकनीकी खामियों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया।

सूरजपुर कलेक्टर रैना जमील का कड़ा रुख:

“निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रतापपुर और भैयाथान की घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया गया है। यह दल मौके पर जाकर तकनीकी मानकों और निर्माण सामग्री की गहन जांच करेगा। जांच दल की रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

आक्रोशित ग्रामीणों ने अब इस पूरे घालमेल की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जब तक नए पक्के पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक आवागमन को अस्थाई रूप से बहाल करने के लिए तत्काल कोई वैकल्पिक मार्ग या डाइवर्सिटी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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