Kolkata incident: कोलकाता हादसा: शेड गिरने से 4 की मौत, 21 लोगों को बचाया गया, कई अब भी मलबे में फंसे

Sanjay Sahu
Kolkata incident

Kolkata incident: नई दिल्ली। कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम (वेयरहाउस) का शेड अचानक गिर गया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। आशंका है कि अभी भी 15 के आसपास लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।

Kolkata incident: बचाव अभियान लगातार जारी है। घायलों को इलाज के लिए SSKM अस्पताल** भेजा गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, सेना, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें जुटी हुई हैं।

Kolkata incident: मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों पर लगाई रोक

Kolkata incident: घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कोलकाता नगर निगम (KMC) के तहत चल रहे सभी निर्माणाधीन भवनों के काम पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी परियोजनाओं का ऑडिट कराया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू होंगे। फिलहाल 1 अगस्त तक निर्माण कार्य स्थगित रहेंगे।

Kolkata incident: मलबे में दबे लोगों तक पहुंचाया जा रहा खाना-पानी

Kolkata incident: प्रशासन के अनुसार, कुछ फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित हुआ है। बचाव दल विशेष माध्यमों से उन्हें भोजन और पानी पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। भारी बीम और लोहे की सरिया के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है, इसलिए गैस कटर और ड्रिल मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।

Kolkata incident: कैसे हुआ हादसा?

Kolkata incident: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राउंड फ्लोर पर मजदूर काम कर रहे थे, तभी ऊपर का ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। लोहे के भारी बीम और कंक्रीट स्लैब सीधे मजदूरों पर गिर गए, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।

Kolkata incident: मृतकों की पहचान

Kolkata incident: हादसे में जान गंवाने वालों में रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

Kolkata incident: जांच के आदेश

Kolkata incident: राज्य सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है, इसके बाद निर्माण में हुई संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी।

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