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MP Electricity Department: भोपाल में दर्दनाक हादसा अवैध कॉलोनी में बिजली के खंभे पर करंट लगने से युवक की मौत, डमी लाइनमैन बनाकर कराया जा रहा था जोखिम भरा काम

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MP Electricity Department: भोपाल। राजधानी भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बिलखिरिया थाने के पीछे स्थित एक कथित अवैध कॉलोनी में बिजली से जुड़े कार्य के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। आरोप है कि युवक को बिजली विभाग के नियमित कर्मचारी की जगह डमी लाइनमैन बनाकर खतरनाक काम कराया जा रहा था। हादसे के बाद कॉलोनी से जुड़े कर्मचारी और कथित रूप से बिजली विभाग का लाइनमैन मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

MP Electricity Department: प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक युवक की पहचान जितेंद्र कुशवाहा के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी बताया जा रहा है। आरोप है कि उसे अधिकृत लाइनमैन नहीं होने के बावजूद बिजली लाइन से जुड़े जोखिमपूर्ण कार्य करने के लिए लगाया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जितेंद्र लंबे समय से बिजली के खंभों पर चढ़कर तार जोड़ने, लाइन सुधारने और अन्य तकनीकी कार्य करता था, जबकि वह विभाग का नियमित कर्मचारी नहीं था।

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चालू बिजली लाइन पर कराया जा रहा था काम

MP Electricity Department: बताया जा रहा है कि घटना के दिन भी युवक को बिजली के खंभे पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था। आरोप है कि जिस लाइन पर कार्य कराया जा रहा था, उसमें बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं की गई थी। इसी दौरान युवक अचानक करंट की चपेट में आ गया और खंभे पर ही फंस गया।

MP Electricity Department: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट लगने के बाद युवक काफी देर तक तड़पता रहा। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब आधे घंटे तक वह बिजली के खंभे पर जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन समय रहते उसे सुरक्षित नीचे उतारने या बिजली सप्लाई बंद कराने की प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी। जब तक उसे नीचे उतारा गया, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।

हादसे के बाद मौके से गायब हुए जिम्मेदार लोग

MP Electricity Department: घटना को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि हादसे के बाद कॉलोनी के कर्मचारी और कार्य की निगरानी कर रहे संबंधित लोग मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने युवक को काम पर लगाया था, उन्होंने हादसे के बाद उसकी मदद करने के बजाय वहां से निकल जाना बेहतर समझा।

MP Electricity Department: परिजनों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यदि समय पर बचाव कार्य किया जाता और घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

डमी लाइनमैन बनाकर कराया जा रहा था खतरनाक कार्य

MP Electricity Department: मामले में यह भी आरोप सामने आया है कि बिजली विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत लोगों से काम कराया जाता था। मृतक जितेंद्र कुशवाहा कथित तौर पर ऐसे ही “डमी लाइनमैन” के रूप में कार्य कर रहा था। वह बिजली लाइन से जुड़े कई जोखिमपूर्ण कार्य करता था, जबकि उसके पास न तो अधिकृत नियुक्ति थी और न ही सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और उपकरण।

MP Electricity Department: यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का भी बन सकता है।

अवैध कॉलोनी और बिजली कनेक्शन पर उठे सवाल

MP Electricity Department: घटना के बाद बिलखिरिया थाना क्षेत्र में स्थित संबंधित कॉलोनी की वैधता और वहां किए जा रहे बिजली कार्यों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में बिजली से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता और कई बार अनधिकृत तरीके से काम कराया जाता है।

पुलिस और विभागीय जांच की मांग

MP Electricity Department: हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि युवक को किसके निर्देश पर काम पर लगाया गया था, बिजली सप्लाई बंद किए बिना उसे खंभे पर क्यों भेजा गया और हादसे के बाद जिम्मेदार लोग मौके से क्यों भाग गए।

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MP Electricity Department: परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मुआवजा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं यह घटना एक बार फिर बिजली कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अनधिकृत श्रमिकों से जोखिम भरे काम कराए जाने की समस्या को उजागर करती है।

MP Electricity Department: फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।

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