तेजस्वी यादव : पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनका मतदाता पहचान पत्र संख्या (EPIC नंबर) बदल दिया गया है। तेजस्वी ने इस बदलाव को महज तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि “लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक पूर्व डिप्टी सीएम का EPIC नंबर बदला जा सकता है, तो आम जनता के साथ क्या हो सकता है, इसकी कल्पना की जा सकती है।
तेजस्वी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “अगर मेरा EPIC नंबर बदला जा सकता है, तो फिर कितने लोगों के EPIC नंबर बदले गए होंगे? ये वोटर लिस्ट से नाम काटने की एक साज़िश है।” उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
तेजस्वी ने दावा किया कि जब उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपना EPIC नंबर (RAB2916120) डालकर सर्च किया, तो ‘No Records Found’ दिखा। इसी के आधार पर उन्होंने अपना नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब होने की आशंका जताई।
हालांकि, जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज किया है। पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि “विपक्ष के नेता का नाम सूची में स्पष्ट रूप से दर्ज है, जिसमें उनका नाम, आयु, मकान संख्या और पिता का नाम मौजूद है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी ने 2020 विधानसभा चुनाव में जो हलफनामा दिया था, उसमें भी यही EPIC नंबर दर्ज था।
चुनाव आयोग ने तेजस्वी के दावे को “भ्रम फैलाने वाला” करार देते हुए कहा है कि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और सार्वजनिक है। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने EPIC नंबर या नाम से पोर्टल पर जाकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपनी जानकारी की पुष्टि करें।
तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने उनके समर्थन में चुनाव आयोग से प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि EPIC नंबर हर मतदाता की विशिष्ट पहचान होती है और उसके बदलाव से मतदाता की वैधता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता को केंद्र में ला खड़ा किया है।













