Tax Settlement Amendment Bill : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को “बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025” को पारित कर दिया गया। इस विधेयक के लागू होने से प्रदेश के हजारों छोटे व्यापारियों को कर मामलों में बड़ी राहत मिलने जा रही है।
क्या है संशोधित प्रावधान?
विधेयक के तहत अब 25,000 रुपए तक के बकाया वैट (VAT), केंद्रीय विक्रय कर (CST) और प्रवेश कर जैसे मामलों का सरलीकृत ढंग से निपटारा किया जा सकेगा। यह उन व्यापारियों पर लागू होगा जिनके पुराने कर मामले सालों से न्यायालयों या विभागों में लंबित हैं।
कितनों को मिलेगा फायदा?
राज्य सरकार के अनुसार, इस विधेयक से करीब 40,000 व्यापारियों को सीधा लाभ होगा। वहीं, इससे जुड़े 62,000 से अधिक मुकदमे, जो न्यायालयों और प्रशासनिक स्तर पर वर्षों से अटके हुए थे, समाप्त किए जा सकेंगे। इससे राज्य की न्यायिक व्यवस्था और विभागीय प्रक्रिया पर बोझ कम होगा।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार ने कहा है कि यह विधेयक सिर्फ कर राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापारिक माहौल सुधारने और सुशासन लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि छोटे व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं से बाहर निकालना आवश्यक था, ताकि वे कारोबार पर ध्यान दे सकें।
व्यापारी वर्ग की प्रतिक्रिया
व्यापारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने कहा, “यह निर्णय छोटे व्यापारियों के लिए संजीवनी जैसा है। इससे न सिर्फ आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि व्यापारिक विश्वास भी बढ़ेगा।”











