Jabalpur News: जबलपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और अमानवीय व्यवहार के विरोध की गूंज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। इस घटना को लेकर जबलपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।भीम आर्मी का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिला अध्यक्ष संजू लाल झारिया के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन
Jabalpur News: भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष संजू लाल झारिया के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर पहुंचे छात्रों के साथ कथित रूप से अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में किसी भी प्रकार का दमनात्मक रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
भीम आर्मी ने ज्ञापन में मांग की कि घटना में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी छात्रों के साथ इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।संगठन ने यह भी मांग की कि छात्रों के साथ हुए पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
छात्रों के अधिकारों की रक्षा जरूरी
Jabalpur News: संजू लाल झारिया ने कहा कि शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं और छात्रों को अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। यदि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है तो यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी भी छात्र या युवा के साथ इस प्रकार की घटना न हो और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
भीम आर्मी ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और छात्रों के सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
