दिल्ली — विवादास्पद संत स्वामी चैतन्यानंद को शनिवार को अदालत ने 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने उनकी आगे की पुलिस रिमांड नहीं मांगी और न्यायिक हिरासत की अर्जी दी, जिस पर कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के बाद यह फैसला सुनाया।
अदालत की सुनवाई और बाबा की मांगें
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सुनवाई के दौरान बाबा के वकील ने दलील दी कि उन्हें धार्मिक वस्त्र पहनने, दवाइयों की उपलब्धता और बिना लहसुन-प्याज का सात्विक भोजन दिया जाए।
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कोर्ट ने इन मांगों पर प्रक्रिया अनुसार विचार करने की बात कही।
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बाबा की ओर से यह भी आशंका जताई गई कि केस डायरी से छेड़छाड़ की जा सकती है, इसलिए उस पर हस्ताक्षर कराए जाएं।
आरोप और जांच
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चैतन्यानंद पर छात्राओं से यौन शोषण, धमकी देने, जबरन फोन और सर्टिफिकेट जमा कराने के गंभीर आरोप हैं।
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शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें निष्कासन की धमकी दी जाती थी।
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पुलिस ने बताया कि बाबा ने पूछताछ के दौरान कोई पछतावा नहीं दिखाया और टालमटोल रवैया अपनाया।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
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पुलिस ने संस्था की तीन महिला स्टाफ को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर छात्रों पर दबाव बनाने में सहयोग का आरोप है।
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जांच में सामने आया कि बाबा ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को नौकरी और विदेश भेजने के झूठे वादे करके फंसाया।
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बरामद चैट्स और उपकरणों से यह भी खुलासा हुआ कि बाबा ने लड़कियों से निजी तस्वीरें मांगीं और यहां तक कि दुबई कनेक्शन में लड़की उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई।
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गंभीर खुलासे
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बाबा के ठिकानों से पुलिस को अश्लील चैट्स, फर्जी तस्वीरें (PM मोदी-ओबामा के साथ), विदेशी कनेक्शन से जुड़ी सामग्री और अश्लील CDs मिली हैं।
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अब तक सामने आए तथ्यों से यह मामला और गंभीर होता जा रहा है।
फिलहाल बाबा 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे और पुलिस उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, सहयोगियों और वित्तीय स्रोतों की भी गहन जांच कर रही है।













