पुणे : कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पुणे से पूर्व सांसद रहे सुरेश कलमाड़ी का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय तक सक्रिय सार्वजनिक जीवन में रहने वाले कलमाड़ी का नाम भारतीय राजनीति के चर्चित चेहरों में शामिल रहा।
मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार, 6 जनवरी को दोपहर 2 बजे तक पुणे स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम के समय उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
Read More : Bangladesh Violence : बांग्लादेश : एक और हिंदू की हत्या, 18 दिनों में 6 हिंदुओं को उतारा मौत के घाट
पुणे से संसद तक का सफर
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने पुणे लोकसभा सीट से सांसद के रूप में संसद में प्रतिनिधित्व किया और कई वर्षों तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। शहरी विकास और खेल प्रशासन से जुड़े संगठनों में भी उनका खासा प्रभाव रहा। पुणे की राजनीति में उनकी पकड़ लंबे समय तक बनी रही।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से जुड़ा विवाद
कलमाड़ी का नाम वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। वे आयोजन समिति के प्रमुख पद पर रहे थे। खेलों के आयोजन के दौरान ठेकों के आवंटन और वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे, जिससे उनका राजनीतिक करियर विवादों में घिर गया।
आरोपों ने बदली सियासी राह
कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े मामलों में सुरेश कलमाड़ी को भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों का सामना करना पड़ा। इन मामलों में उनकी गिरफ्तारी भी हुई, जिसका असर उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन पर साफ नजर आया।
राजनीतिक जगत में शोक
उनके निधन पर कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मतभेदों से परे, उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और पुणे की राजनीति में योगदान को याद किया जा रहा है।













