रायपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों में हाथियों ने हाल ही में एक दंपति को मार डाला। घटना तब हुई, जब पति-पत्नी खलिहान में धान की सुरक्षा के लिए चारपाई लगाकर सो रहे थे। रात करीब 2:00 बजे एक जंगली हाथी खलिहान में घुस आया और दोनों को अपने सूंड में लपेटकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दंपति कबिलास और धनियारो राजवाड़े पूरे दिन खेत में काम करने के बाद खलिहान में सो रहे थे। मृतक के तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। घटना के बाद परिवार और पड़ोसी वहां पहुंचे और हाथी को खदेड़ा।
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वन विभाग पर गुस्सा
हाथी के हमले के बाद गांव के लोगों में वन विभाग के प्रति गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब गांव में घुस रहे हैं और लोगों की जान को खतरा पैदा कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग सिर्फ मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण प्रोग्राम के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों में चारा न होने की वजह से हाथी फसलों और खलिहानों की ओर बढ़ रहे हैं। जब खेतों का धान कट जाएगा, तो हाथी घरों में रखे धान को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हाथियों और इंसानों का संघर्ष बढ़ा
सरगुजा संभाग के जंगल लगातार सिमट रहे हैं और हाथी अपने प्राकृतिक आवास से दूर होकर गांवों में आ रहे हैं। हाथियों के हमलों से हर साल दर्जनों लोग मारे जा रहे हैं और हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो रही है।
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कोयला और बॉक्साइट खदानों के लिए जंगलों की कटाई ने हाथियों के आवास को और घटा दिया है। इसके चलते हाथी अब अपने खोए हुए प्राकृतिक आवास की तलाश में गांवों में उत्पात मचा रहे हैं। कभी-कभी ग्रामीण हाथियों को करंट या जहर देकर मारने की कोशिश कर देते हैं, जिससे संघर्ष और गंभीर हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाथियों और मानवों के बीच इस संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे, जैसे जंगलों में चारा उपलब्ध कराना, जंगलों का संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी और सुरक्षा उपाय करना।











