Supreme Court : नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर बढ़ते खतरनाक आवारा कुत्तों और उनकी नसबंदी के आदेशों का पालन न करने पर सोमवार को कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्यों की लापरवाही के कारण देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही है। अदालत की बेंच ने कहा कि दो महीने पहले इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
Supreme Court : बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि देशभर में कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उदाहरण देते हुए कोर्ट ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में एक बच्चे पर कुत्तों ने हमला किया, भंडारा जिले में 20 कुत्तों ने एक बच्ची को घायल किया, केरल में नुक्कड़ नाटक कर रहे एक व्यक्ति पर हमला हुआ, वहीं लखनऊ और वारंगल में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं। अदालत ने कहा कि इतने गंभीर मामलों के बावजूद राज्य सरकारों ने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे देश की छवि बिगड़ रही है।
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Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा, “क्या आप लोग अखबार नहीं पढ़ते? 22 अगस्त को आदेश दिया गया था और उसकी व्यापक चर्चा भी हुई थी। अब सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देरी का कारण बताना होगा।”
Supreme Court : अदालत ने बताया कि अब तक सिर्फ पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली एमसीडी की ओर से जवाब मिला है, जबकि बाकी राज्यों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दिल्ली में एमसीडी का जवाब आने के बावजूद राज्य सरकार ने कोई उत्तर नहीं दिया, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
Supreme Court : इस बीच राजस्थान एकमात्र राज्य है जिसने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। वहां कुत्तों के लिए फीडिंग पॉइंट बनाए गए हैं और स्थानीय निकायों को आरडब्ल्यूए और पशु कल्याण संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।











