निशानेबाज न्यूज़ डेस्क। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। 12 मार्च को शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते नजर आए।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 800 अंक यानी 1.05% गिरकर 75,200 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 270 अंक यानी 1.15% टूटकर 23,370 पर कारोबार करता दिखा।
मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
आज के कारोबार में मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।वहीं दूसरी ओर FMCG सेक्टर के कुछ शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार को थोड़ी राहत मिली।
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बाजार गिरने की तीन बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—
1. मिडिल ईस्ट युद्ध का असर
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
तेल महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
3. ग्लोबल बाजारों में कमजोरी
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला—
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दक्षिण कोरिया (कोस्पी): 1.66% गिरकर 5,490 पर
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जापान (निक्केई): 1.04% गिरकर 53,884 पर
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हॉन्गकॉन्ग (हैंगसेंग): 0.48% गिरकर 25,593 पर
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चीन (शंघाई कंपोजिट): 0.22% गिरकर 4,120 पर कारोबार
अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद
अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिली।
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डाउ जोन्स: 739 अंक गिरकर 46,677 पर बंद
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नैस्डैक कंपोजिट: 1.78% गिरकर 22,311 पर
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S&P 500: 103 अंक गिरकर 6,672 पर बंद
कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही हैं। इससे पहले 9 मार्च को यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजारों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
लगातार दूसरे दिन गिरा बाजार
इससे पहले 11 मार्च को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी 228 अंकों की गिरावट आई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है।











