साहिबगंज (झारखंड)। साहिबगंज-पाकुड़ रेलखंड के बरहरवा स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ ने न्यू दिल्ली-फरक्का एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15744) में सघन तलाशी अभियान चलाकर 1000 से अधिक जीवित कछुए बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।
वाराणसी से जुड़ा तस्करी का नेटवर्क: आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि कछुओं की इस विशाल खेप को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में लोड किया गया था। एक बड़े तस्कर ने इन कछुओं को फरक्का पहुँचाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों को सौंपा था। कछुओं को बेरहमी से 22 अलग-अलग बैगों में ठूंसकर भरा गया था। आरपीएफ की इस छापेमारी के दौरान कुछ अन्य तस्कर भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं तस्कर: गिरफ्तार तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी 25 वर्षीय करण पथकर, 30 वर्षीय मंजू पथकर और ऊषमा पथकर के रूप में हुई है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाराणसी में यह खेप किसने तैयार की थी और फरक्का में इसे किसे सौंपा जाना था। आरपीएफ अब इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाएंगे कछुए: बरामद कछुए प्रतिबंधित श्रेणी के हैं। आरपीएफ ने नियमानुसार वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दे दी है। वन विभाग के अधिकारी कछुओं की विस्तृत गिनती करने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से गंगा नदी में छोड़ देंगे। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध वन्यजीव व्यापार करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।













