Singrauli Sand Mafia : सिंगरौली (बैढ़न): सिंगरौली जिले के हृदय स्थल बैढ़न कोतवाली क्षेत्र में इन दिनों रेत माफियाओं का राज चल रहा है। नौगढ़, गनियारी और बलियरी जैसे इलाकों में सूरज ढलते ही अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो जाता है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि सैकड़ों ट्रैक्टर रात भर नदियों का सीना चीरकर रेत ढोते हैं, लेकिन मजाल है कि पुलिस की गश्त टीम इन्हें रोक सके।
वसूली का ‘प्राइवेट’ रेट कार्ड: क्षेत्र में चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को व्यवस्थित चलाने के लिए एक संगठित वसूली तंत्र काम कर रहा है। आरोप है कि प्रति ट्रैक्टर लगभग 4,000 रुपये की अवैध वसूली की जाती है। सबसे गंभीर आरोप पुलिस विभाग के ही कुछ ‘कारखास’ कर्मचारियों पर लग रहे हैं, जिनके संरक्षण में रेत माफिया बिना किसी डर के जिला मुख्यालय की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
मुख्यालय क्षेत्र में खुली चुनौती: हैरानी की बात यह है कि बैढ़न जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां की नाक के नीचे यह सब चल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब मुख्यालय में कानून का यह हाल है, तो दूरदराज के अंचलों में स्थिति और भी बदतर होगी। हाल ही में जियावन थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई ने यह तो साफ कर दिया कि नेटवर्क बड़ा है, लेकिन बैढ़न में ठोस कार्रवाई का अब भी इंतजार है।
पर्यावरण को खतरा, जनता में आक्रोश: अंधाधुंध उत्खनन से न केवल नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है, बल्कि शासन को मिलने वाले करोड़ों के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध वसूली में संलिप्त पुलिसकर्मियों और रेत माफियाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।













