Singrauli News Suicide Case : सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के ग्राम चरगोड़ा में एक दर्दनाक वाकया सामने आया है। यहाँ सिराज खान नामक एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने तब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया जब मृतक के परिजनों ने गोभा चौकी प्रभारी पर फर्जी केस दर्ज करने और प्रताड़ित करने का सीधा आरोप लगाया।
विवाद की जड़: परिजनों के अनुसार, यह पूरा विवाद विश्वकर्मा परिवार की एक लड़की के लापता होने से जुड़ा है। पुलिस ने संदेह के आधार पर सिराज के बेटे के साथ-साथ सिराज पर भी मामला दर्ज कर लिया था। परिजनों का दावा है कि सिराज पूरी तरह निर्दोष था और उसने पुलिस को सच्चाई बताने की कोशिश भी की थी, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और एकपक्षीय कार्रवाई जारी रखी।
मानसिक तनाव और बदनामी: मृतक के परिवार ने बताया कि बिना जांच के दर्ज किए गए मुकदमे और पुलिस के बार-बार के दबाव के कारण सिराज गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया था। उसे डर था कि सामाजिक बदनामी और कानूनी पचड़े उसका जीवन बर्बाद कर देंगे। परिजनों का कहना है कि घर छोड़कर गई लड़की ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे नजरअंदाज कर सिराज को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
प्रशासनिक रुख: घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जब इस संबंध में सीएसपी पुन्नू परस्ते से बात की गई, तो उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “पुलिस जांच कर रही है। यह सब अभी जांच का विषय है और तथ्यों के सामने आने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।”
परिजनों ने अब जिले के आला अधिकारियों से मांग की है कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की जांच प्रक्रिया और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।











