Shardiya Navratri 2025 : साल 2025 की शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रही हैं। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की आराधना का पावन समय होता है। हर साल लाखों भक्त विधिपूर्वक व्रत रखते हैं, लेकिन कई लोग पहली बार नवरात्रि व्रत का संकल्प लेते हैं। पहली बार व्रत करने वाले साधकों के लिए कुछ खास नियम और सावधानियां हैं, जिनका पालन करने से मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है और सुख-समृद्धि, शक्ति व शांति का आशीर्वाद मिलता है।
Shardiya Navratri 2025 : पहली बार व्रत रखने के लिए महत्वपूर्ण बातें
1. संकल्प लेकर करें शुरुआत:
व्रत की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) से करें। मां दुर्गा के सामने संकल्प लें और नियमों का पालन करने का प्रण करें।
2. सात्विक भोजन का पालन:
व्रत के दौरान केवल सात्विक आहार ग्रहण करें। प्याज, लहसुन, मांसाहार और मदिरा का सेवन वर्जित है। फलाहार और व्रत के लिए विशेष भोजन जैसे कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना आदि लें।
3. स्वच्छता और मानसिक पवित्रता:
रोज सुबह स्नान करें और मां दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलित करें। शारीरिक और मानसिक स्वच्छता व्रत की सफलता के लिए जरूरी है।
4. मंत्रों का जाप:
दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या “ॐ दुं दुर्गायै नमः” का जाप रोजाना करें। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करें और आगे क्रमशः नवदुर्गा की आराधना करें।
5. पूजा में ये चीजें रखें:
नारियल, कलश, अखंड ज्योति, लाल चुनरी, लौंग, सुपारी और फूल अर्पित करें। अखंड ज्योति (घी का दीपक) जलाना विशेष शुभ माना जाता है।
6. व्रत तोड़ने का नियम:
अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करके व्रत का समापन करें। कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें उपहार दें और आशीर्वाद लें।
7. नियमितता बनाए रखें:
एक बार व्रत शुरू करने के बाद बीच में न छोड़ें। पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ व्रत पूरा करें।













