Shaheen Afridi Fined : कराची: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) के 11वें सीजन में रोमांच से ज्यादा विवादों का बोलबाला नजर आ रहा है। बॉल टैंपरिंग की घटनाओं के बाद अब एक हाई-प्रोफाइल ‘होटल कांड’ ने पाकिस्तान क्रिकेट की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में लाहौर कलंदर्स के कप्तान और स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी मुख्य आरोपी पाए गए हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल और पीसीबी के सख्त नियमों के उल्लंघन के चलते शाहीन पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही फ्रेंचाइजी ने अनुशासन बनाए रखने के लिए की है।
पूरा विवाद टीम होटल के कमरे में बाहरी मेहमानों की ‘सीक्रेट एंट्री’ को लेकर शुरू हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहीन अफरीदी और उनके साथी खिलाड़ी सिकंदर रजा ने चार बाहरी व्यक्तियों को होटल के कमरे में ले जाने की कोशिश की थी। पंजाब पुलिस और पीसीबी के सुरक्षा अधिकारियों सहित पीएसएल सीईओ सलमान नजीर ने स्पष्ट रूप से इन मेहमानों को खिलाड़ियों के कमरे में जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद, सुरक्षा निर्देशों को दरकिनार करते हुए इन चार लोगों को कमरे तक पहुँचाया गया, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर करीब 3 घंटे का समय बिताया।
मामला गरमाता देख जिम्बाब्वे के दिग्गज ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने शाहीन अफरीदी को बचाने की कोशिश की। रजा ने इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी अपने सिर लेते हुए दावा किया कि मेहमान उनके थे और वे केवल 40 मिनट के लिए रुके थे। हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रजा की दलीलें टिक नहीं सकीं। पीसीबी और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चूक माना है, जिसके बाद फ्रेंचाइजी को अपने कप्तान के खिलाफ यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
लाहौर कलंदर्स की टीम ने इस विवाद पर अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए इसे एक ‘गलतफहमी’ करार दिया है। टीम प्रबंधन ने अपने बयान में कहा, “यह जानबूझकर किया गया उल्लंघन नहीं था, बल्कि संवाद की कमी के कारण हुई एक गलतफहमी थी। हम सुरक्षा प्रोटोकॉल और एसओपी (SOP) का पूरा सम्मान करते हैं।” टीम ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर संचार व्यवस्था लागू की जाएगी, लेकिन अनुशासन और जवाबदेही के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान सुपर लीग के मौजूदा सीजन में एक के बाद एक सामने आ रहे इन विवादों ने विश्व क्रिकेट में पीएसएल की छवि को नुकसान पहुँचाया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों द्वारा बाहरी लोगों को बिना अनुमति कमरे में बुलाना न केवल लीग की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों के लिए भी रास्ता खोल सकता है। फिलहाल, शाहीन अफरीदी पर लगा यह जुर्माना अन्य खिलाड़ियों के लिए एक कड़े सबक के रूप में देखा जा रहा है।











