जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश : श्रीनगर और गुरेज में बादल फटने से मार्ग बंद, बाद में राहत कार्य शुरू

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जम्मू | जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर जारी है। कठुआ जिले में जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के दोनों पुलों को खतरे के चलते बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने अगले 72 घंटे में बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।

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कठुआ में खड्ड उफान पर हैं और निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। जम्मू-पठानकोट हाईवे पर सहार खड्ड का पुल गिरने के कगार पर है और वैकल्पिक मार्ग भी बंद है। आयुष विभाग की इमारत की नींव बारिश से धंस गई है। पुरमंडल में देविका नदी के बढ़ते जलस्तर से मोहल्लों को खतरा है। मौसम विज्ञान विभाग ने जम्मू, कठुआ, डोडा, कुलगाम, अनंतनाग, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रामबन, रियासी, सांबा और उधमपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में एंबुलेंस और जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें आपातकालीन ड्यूटी पर बुलाया गया है। राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, शहरी विकास, जलशक्ति और स्वास्थ्य शिक्षा विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू में 24 घंटे काम करने वाला आपात केंद्र स्थापित किया गया है, संपर्क नंबर 0191-2571616, 0191-2520542 और 112 उपलब्ध हैं।

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किश्तवाड़-अनंतनाग मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। बांदीपोरा जिले में राजदान टॉप पर हल्की बर्फबारी हुई है। सांबा जिले में कई गांव जलमग्न हो गए हैं और दर्जनों लोग बेघर हुए हैं। श्रीनगर और गुरेज में बादल फटने से मार्ग बंद हुआ था लेकिन बाद में यात्रियों को राहत मिली।

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जम्मू शहर में पिछले 24 घंटों में 190.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो अगस्त महीने में पिछले 100 वर्षों में दूसरी सबसे अधिक है। आईआईआईएम हॉस्टल में जलभराव से 100 से अधिक छात्रों को SDRF ने रेस्क्यू किया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदियों, खड्डों और जलाशयों के पास न जाएं और खराब मौसम के दौरान यात्रा टालें।

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