दुल्हन जेहाद का सनसनीखेज मामला : इंदौर। तरह-तरह के जेहाद के बीच अब इंदौर में ‘दुल्हन जेहाद’ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना क्षेत्र के हिंगोनिया खुर्द गांव के युवक जसवंत कुशवाह के साथ ठगी की यह वारदात हुई है। जसवंत की शादी एक महिला से करवाई गई, जिसे ब्राह्मण समाज और अविवाहित बताकर उनके परिवार से मिलवाया गया था, जबकि असल में वह मुस्लिम निकली और शादी के कुछ दिनों बाद ढाई लाख रुपये लेकर फरार हो गई।
दुल्हन जेहाद का सनसनीखेज मामला : जसवंत कुशवाह और उनका परिवार शादी के लिए लड़की की तलाश में था, तभी मुकेश मराठा नामक व्यक्ति ने 20 हजार रुपये लेकर आष्टा की लड़की के नाम पर शादी की बात की। शादी की तारीख तय भी हो गई, लेकिन ऐन वक्त पर एक्सीडेंट का बहाना बनाकर शादी निरस्त कर दी गई। बाद में कोमल नामक महिला ने निकिता (असल नाम नाजिया) से जसवंत की शादी करवाई और ढाई लाख रुपये लिए।
शादी के कुछ दिनों बाद ही नाजिया के मुंह से ‘या अल्लाह’ और ‘अल्लाह की कसम’ जैसे शब्द निकले, जिससे वर पक्ष को शक हुआ। पूछताछ में नाजिया ने अपना असली नाम और मजहब कबूल कर लिया। इतना ही नहीं, कुछ दिन बाद नाजिया के पति शाहनवाज उर्फ शानू का भी फोन आया, जिसने बताया कि वह नाजिया का पति है और उनका 5 साल का बेटा भी है।
दुल्हन जेहाद का सनसनीखेज मामला
इसके बाद नाजिया को ठग गिरोह की सदस्य कोमल पठान जबरन दूसरी जगह शादी करवाने भी ले गई थी, लेकिन वह वहां से लौट आई। कुछ दिन बाद नाजिया घर का सामान समेट कर फरार हो गई। पीड़ित परिवार ने जब नाजिया के परिजनों की तलाश की तो वह नायता मुंडला के किराए के मकान में मिले।
जसवंत और उसके परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत गांधीनगर पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर पीड़ित परिवार परशुराम सेना के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत दी। फिलहाल, पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। परशुराम सेना ने इसे ‘दुल्हन जेहाद’ करार देते हुए गंभीर सामाजिक खतरा बताया है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











