Semiconductor Projects : नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने कुल 18,541 करोड़ रुपये की लागत वाली योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें सेमीकंडक्टर परियोजनाएं, लखनऊ मेट्रो का विस्तार और एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शामिल हैं।
4,594 करोड़ की चार नई सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि देश में चार नई सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर 4,594 करोड़ रुपये का निवेश होगा और ये ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में स्थापित होंगी। उन्होंने कहा कि पहले ही छह सेमीकंडक्टर परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, और इन चार नई परियोजनाओं के साथ भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केंद्र सरकार का मानना है कि भारत जल्द ही ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट में एक अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार के अनुसार, 2023 में भारत का सेमीकंडक्टर बाजार लगभग 38 अरब डॉलर का था, जो 2024-25 तक बढ़कर 45 से 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
लखनऊ मेट्रो और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो के चरण 1B को भी मंजूरी दे दी है। इसके लिए 5,801 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। मंत्री वैष्णव ने कहा कि लखनऊ एक बड़ा शहर है, जहां मेट्रो की बहुत आवश्यकता है।
इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, 700 मेगावाट की ताटो-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 8,146 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सरकार ने कहा है कि ग्लोबल पार्टनरशिप, पॉलिसी सपोर्ट और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी के साथ भारत का चिप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।











