निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सूरजपुर वन परिक्षेत्र के देव नगर बीट में ड्यूटी पर तैनात एक वर्दीधारी बीट गार्ड की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने न सिर्फ वन विभाग बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।
ड्यूटी के दौरान हुई मारपीट
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बीट गार्ड का नाम सुखदेव पैकरा है, जो लटोरी के महेशपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वर्दी पहने जवान के साथ मारपीट की जा रही है। घटना जंगल क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां वह अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे।
वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब एक सरकारी वर्दीधारी कर्मचारी के साथ खुलेआम मारपीट हो सकती है, तो जंगल क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है।
वायरल वीडियो से मचा बवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। कई लोग इसे वर्दी की अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं।
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डीएफओ का बयान
मामले में जब डीएफओ से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में है। उन्होंने संबंधित बीट गार्ड को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल संबंधित कर्मचारी उपलब्ध नहीं है।
यहीं से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है—जब वर्दीधारी कर्मचारी के साथ मारपीट का वीडियो सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है, तो क्या विभाग को स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी?
वर्दी की गरिमा और जवाबदेही
यह मामला केवल एक कर्मचारी पर हमले का नहीं, बल्कि वर्दी और कानून के सम्मान से भी जुड़ा है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब देखना होगा कि दोषियों के खिलाफ कब और कैसी ठोस कार्रवाई होती है।फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।











