Sahakar Global Corruption : सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर निगम अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने मेसर्स सहकार ग्लोबल लिमिटेड के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए करोड़ों रुपये की रॉयल्टी चोरी और खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ ‘संगठित भ्रष्टाचार’ के संगीन आरोप लगाए हैं। कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में नियम-कानून को ताक पर रखकर नदियों का सीना चीरा जा रहा है।
पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि सहकार ग्लोबल द्वारा पर्यावरणीय शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। नदियों के भीतर मशीनों से रेत निकाली जा रही है, जिससे जलीय जीवन संकट में है। सबसे चौंकाने वाला मामला हर्दी क्षेत्र का है, जहाँ पीडब्ल्यूडी के पुल के नीचे से अवैध खनन के कारण पुल में दरारें आने की बात सामने आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
अफसरों पर ‘महीने’ की सेटिंग का आरोप भाजपा नेता ने अपने पत्र में एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के मैनेजर और सुपरवाइजर खुलेआम यह कहते फिर रहे हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं है, क्योंकि वे खनिज विभाग के अधिकारियों को हर माह ‘मोटी रकम’ पहुँचाते हैं। इस दावे ने प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्री मिश्रा के अनुसार, यह अवैध उत्खनन बिना विभागीय संरक्षण के संभव नहीं है।
सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) में भी धांधली आरोपों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। भाजपा नेता ने कहा कि कंपनी सीएसआर (CSR) फंड के नाम पर भी धोखा दे रही है। अनुबंध के तहत स्कूलों, आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जो राशि खर्च होनी थी, वह कागजों तक ही सीमित है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाए, अन्यथा जिले में उग्र जन-आंदोलन की स्थिति बन सकती है।













