दुर्ग में भगवा झंडा विवाद : दुर्ग, छत्तीसगढ़। जिले के मचांदुर गांव में भगवा झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस घटना में शामिल एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक सेना जवान के घर पर भगवा झंडा लगाया गया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस हुई।
दुर्ग में भगवा झंडा विवाद : क्या था पूरा मामला?
5 सितंबर को ईद मिलादुन्नबी पर्व के दौरान मचांदुर गांव के एक मुस्लिम बहुल इलाके में हरे झंडे लगाए गए थे। इसी दौरान, उसी मोहल्ले में रहने वाले सेना के जवान कौशल निषाद ने अपने घर पर भगवा झंडा फहराया। आरोप है कि इसके बाद दो पुलिसकर्मियों ने निषाद परिवार से झंडा हटाने का अनुरोध किया। जब परिवार ने इनकार कर दिया, तो पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद हिंदू संगठनों और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो के बाद, हिंदू संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव में अवैध रूप से आकर बसे मुस्लिम परिवारों की भी जांच होनी चाहिए।
इस मामले पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “भारत की धर्म-आस्था पर कोई हस्तक्षेप होगा तो आवाज उठेगी। हमारी बात स्पष्ट है कि ध्वज हम वहीं लगाएंगे।” इसके बाद, भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जवान के घर पहुंचकर भगवा झंडा फहराया। इस दौरान “जय श्री राम” के नारे भी लगाए गए और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्रशासन की कार्रवाई
इस घटना के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। विवाद में शामिल प्रधान आरक्षक महेश देवांगन और आरक्षक रामकृष्ण दास को लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा, मामले से जुड़े मोहम्मद खान और असलम खान (पिता राशिद खान) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। असलम खान पर एक और मामला भी दर्ज किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि किसी भी तरह के धार्मिक विवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।













