नई दिल्ली: संसद के चालू मॉनसून सत्र का चौथा हफ्ता जोरदार हंगामे और सियासी रस्साकशी के साथ शुरू हुआ। विपक्षी दलों ने जहाँ एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर दोनों सदनों में हंगामा किया, वहीं सरकार ने इसी शोर-शराबे के बीच एक ही दिन में नौ महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए।
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लोकसभा से पारित हुए विधेयक: सोमवार को लोकसभा से कुल चार विधेयक पारित हुए। इनमें से दो विधेयक – इनकम टैक्स बिल और टैक्सेशन लॉ (अमेंडमेंट) बिल – बिना किसी चर्चा के पारित हो गए। वहीं, नेशनल स्पोर्ट्स बिल और नेशनल एंटी डोपिंग बिल पर संक्षिप्त चर्चा हुई, जिसके बाद इन्हें भी हंगामे के बीच ही पारित कर दिया गया।
राज्यसभा से पारित हुए विधेयक: राज्यसभा में भी दिनभर चले हंगामे के बीच पांच विधेयक पारित हुए। इनमें मणिपुर से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं:
- मणिपुर बजट 2025-26
- मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (अमेंडमेंट) बिल 2025
- मणिपुर विनियोग (नंबर 2) बिल 2025
इनके अलावा, मर्चेंट शिपिंग बिल और गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित करने का बिल भी राज्यसभा से पारित हुए।
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विपक्ष का विरोध और आरोप: विपक्ष के नेताओं ने एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा जारी रखा और यहां तक कि निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च भी किया। हंगामे के बीच ही विधेयक पारित होने पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर लोकतंत्र के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब सदन व्यवस्थित नहीं था तब भी बिल पास कराए गए।
यह स्थिति संसद के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त चर्चा के ही पारित कर दिया गया।











