Tuesday, September 22, 2026
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Reva News: नलजल योजना का हाल: खटखरी में गिरी थी भ्रष्टाचार की टंकी, अब मारी ईओडब्लू ने इंट्री और ठेकेदार, पीएचई इंजीनियर पर दर्ज किया मामला, बिना काम किए ही ठेकेदार को कर दिया था 3 करोड़ 85 लाख का भुगतान

Reva News: रीवा: नईगढ़ी अंतर्गत खटखरी में कुछ महीने पहले नलजल योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी भरभरा कर गिर गई थी। इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तो की थी अब ईओडब्लू ने भी इसमें इंट्री मार दी है। ईओडब्लू ने सिर्फ इंट्री ही नहीं मारी। बाल की खाल भी निकाल डाली और ठेकेदार सहित पीएचई के इंजीनियरों पर मामला दर्ज कर लिया है। ठेकेदार को अधिकारियों ने बिना काम पूरा किए ही पूरा भुगतान कर दिया था। ठेकेदार ने सांठगांठ कर 3 करोड़ 85 लाख रुपए विभाग से निकाल लिए थे।

नल जल योजना का रीवा में दम निकल रहा है। ठेकेदार और अधिकारी सिर्फ अधूरा काम करके भुगतान ले रहे हैं। जहां टंकियां बनी है, वह खस्ताहाल हैं। घरों तक पाइप लाइन और कनेक्शन तक नहीं पहुंचे हैं। इस पूरे घोटाले की कलई ईओडब्लू की जांच में खुल गई है। ईओडब्लू एसपी रीवा अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ महीने पहले नईगढ़ी के खटखरी गांव में बनी टंकी भरभरा कर गिर गई थी। इस मामले में पीएचई विभाग ने इंजीनियरों पर कार्रवाई की खानापूर्ति की थी लेकिन असल सच अब ईओडब्लू की जांच में सामने आया है।

Reva News: ईओडब्लू ने नईगढ़ी में खटखरी में गिरी पानी की टंकी की जांच की। यह टंकी नल जल योजना के तहत बनाई गई थी। इसके अंतर्गत आने वाले गांव तक नल से जल पहुंचाने का काम ठेकेदार को करना था। पीएचई मऊगंज के अधिकािरयों और ठेकेदार ने हालांकि इस योजना में सांठगांठ कर सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया। इस कार्य के तहत नईगढ़ी विकासखंड अंतर्गत विभिन्न गांव में जल प्रदाय के लिए अर्थवर्क, रोड कटिंग, एचडीपीई पाईप फिटिंग, पम्प हाउस निर्माण, वाल्व चेम्बर निर्माण, ओटोमेटिक वाटर लेबिल इंडिगेटर निर्माण, सबमर्सिबल मोटर पम्प की स्थापना, बिजली फिटिंग का कार्य, हाउस होल्ड कनेक्शन के लिए जीआईपाइप से कंक्रीट का सर्कुलर स्टैण्ड पोस्ट तैयार करना, नल फिटिंग का कार्य, राइजिंग मेन की फिटिंग का कार्य, स्टार्टर कंट्रोल पैनल की स्थापना और टंकी स्थल पर बाउण्ड्रीवाल आदि का निर्माण कार्य कराया जाना था।

Reva News: ईओडब्ल ने जब मौके पर सत्यापन कराया तो कई खामियां सामने आई। ठेकेदार ने न्यूनतम निविदा दर 4.26 फीसदी बिलो के आधार पर ठेका लिया था। ठेकेदार मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी था। इनके नाम से कार्यादेश जारी किया गया था। ठेकदार को निर्माण कार्य का भुगतान3 करोड़ 85 लाख विभाग ने कर दिया, जबकि काम पूरा नहीं किया गया था।

 

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