rewa News : रीवा: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घायल 14 वर्षीय किशोर मनीष की संजय गांधी अस्पताल रीवा में मौत के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा ने गंभीर लापरवाही का मामला उठाया है। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली से प्रभावित मरीजों के लिए शुरुआती 72 घंटे बेहद संवेदनशील होते हैं, जिसमें सही और समय पर उपचार मिलने से जान बचाई जा सकती है।
rewa News : मनोष को पहले महोबा, बांदा और पन्ना के अस्पतालों में इलाज के बाद 3 अक्टूबर की रात रीवा के संजय गांधी अस्पताल लाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर थी। अधीक्षक ने कहा कि परिजनों की जल्दबाजी और अस्पतालों के बीच समन्वय न होने के कारण व्यवस्थित उपचार नहीं मिल पाया।
rewa News : इस घटना में जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और किसी भी दोषी के प्रति नरमी नहीं बरतने का आश्वासन दिया है। मृतक किशोर की मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा।
rewa News : डॉ. राहुल मिश्रा, अस्पताल अधीक्षक, रीवा – “आकाशीय बिजली से प्रभावित मरीजों के लिए शुरुआती 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सही उपचार न मिलने से बचाव की संभावना कम हो जाती है। हमने दोषी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”













