रीवा, 08 सितंबर 2025 : करीब करोड़ों की लागत से तैयार रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, जिसे प्रदेश सरकार ने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बताया था, अब मरीजों के लिए खतरे का प्रतीक बनता जा रहा है। हाल ही में अस्पताल की फॉल सीलिंग गिरने की घटना के बाद अब ताजा जांच में पता चला है कि अस्पताल के बेस का एक मजबूत पिलर अपनी जगह से लगभग डेढ़ फुट खिसक चुका है।
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पिलर खिसकने से बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और संरचनात्मक जांच नहीं की गई तो पूरा स्ट्रक्चर गंभीर हादसे की राह पर है। यह हालात मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए सीधे खतरे की घंटी हैं।
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आधुनिक इलाज’ के वादों पर सवाल
रीवा और आसपास के जिलों से लोग हार्ट और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यहां आते हैं। करोड़ों की लागत और नामी इंजीनियरों की देखरेख में खड़ा यह अस्पताल अब सवाल उठाता है कि आखिर इतनी बड़ी खामियां कैसे रह गईं।
जिम्मेदारों की चुप्पी
फॉल सीलिंग गिरने की घटना के समय प्रशासन ने इसे ‘छोटी तकनीकी गड़बड़ी’ बता कर दबाने की कोशिश की थी। लेकिन अब जब पिलर खिसक गया है, यह लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण बन गया है।
जनता के सवाल
- क्या करोड़ों का यह प्रोजेक्ट इंजीनियरों और ठेकेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया?
- मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
इस समय अस्पताल में इलाज लेने वाले मरीज और उनके परिजन चिंतित हैं, जबकि प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि तुरंत निरीक्षण और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।













