Rewa Collectorate Protest : रीवा (24 फरवरी 2026): कहते हैं कि जब सीधी उंगली से घी न निकले तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है, लेकिन रीवा जिले के जवा जनपद क्षेत्र के एक युवक ने प्रशासन को जगाने के लिए खुद को ही जमीन पर लिटा दिया। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान धनेश सोनकर नाम का युवक हाथ में नारियल लेकर दंडवत (जमीन पर लेटकर प्रणाम करते हुए) होता हुआ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचा। यह नजारा देख अधिकारी भी असहज नजर आए।
2022 से अधूरी सड़क का दंश झेल रहा गांव पूरा मामला ग्राम पंचायत गाढ़ा 138 का है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2022 से अटका हुआ है। धनेश सोनकर ने बताया कि पिछले कई वर्षों से ग्रामीण इस अधूरी सड़क की शिकायत कर रहे हैं। कई बार सड़क के टेंडर होने की बात कही गई, लेकिन धरातल पर आज भी सड़क का नामोनिशान नहीं है।
कीचड़ और गड्ढों के बीच कैद है बचपन और बुढ़ापा सड़क न होने के कारण बारिश के दिनों में गांव किसी टापू में तब्दील हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे रोजाना कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं, वहीं बीमारों और बुजुर्गों के लिए एम्बुलेंस तक गांव के भीतर नहीं आ पाती। धनेश का कहना है कि वे दर्जनों बार सामान्य तरीके से आवेदन दे चुके हैं, लेकिन जब अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तो उन्हें यह ‘भक्ति भाव’ वाला विरोध का रास्ता चुनना पड़ा।
क्या अब जागेगा प्रशासन? युवक ने कलेक्ट्रेट की चौखट पर नारियल चढ़ाकर प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव के मासूमों और बुजुर्गों के हक की सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस ‘दंडवत प्रणाम’ के बाद फाइलों में दफन हो चुकी सड़क का निर्माण शुरू होगा या फिर ग्रामीणों का इंतजार और लंबा होगा।
फरियादी का बयान:
“हम 2022 से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। सड़क का टेंडर होता है पर काम नहीं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज रास्ते में दम तोड़ देते हैं। अब भगवान (प्रशासन) के चरणों में लेटकर ही अपनी बात पहुँचाने की कोशिश कर रहा हूँ।”
— धनेश सोनकर, शिकायतकर्ता











