पाकिस्तान में पेट्रोल सस्ता, मंत्रियों की 6 महीने सैलरी बंद; विरोध के बाद सरकार ने लिया यू-टर्न
Relief after protests: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल संकट के बीच पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली लेवी में 80 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे नई कीमत घटकर 378 रुपए प्रति लीटर हो गई है। साथ ही आर्थिक संकट से निपटने के लिए संघीय मंत्रियों का वेतन अगले 6 महीनों तक रोकने का फैसला लिया गया है।
Relief after protests: इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी—पेट्रोल 137.23 रुपए बढ़कर 458.41 रुपए और डीजल 184.49 रुपए बढ़कर 520.35 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया था। इस फैसले के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसके चलते सरकार को तुरंत राहत देने के कदम उठाने पड़े।
Relief after protests: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आधी रात को राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि आम जनता पर बोझ कम करने के लिए यह कटौती की गई है और नई कीमतें तुरंत लागू होंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कम से कम एक महीने तक कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी।
Relief after protests: आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार ने पहले मंत्रियों की 2 महीने की सैलरी रोकने का निर्णय लिया था, जिसे अब बढ़ाकर 6 महीने कर दिया गया है। इसके अलावा आम लोगों को राहत देने के लिए कई सब्सिडी योजनाओं का भी ऐलान किया गया है—जैसे मोटरसाइकिल चालकों को अतिरिक्त 100 रुपए प्रति लीटर सब्सिडी, छोटे किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपए की सहायता, और रेलवे के इकोनॉमी क्लास किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं।
Relief after protests: सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
Relief after protests: इससे पहले बढ़ती महंगाई के दबाव को कम करने के लिए भारत ने भी पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी, ताकि घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखा जा सके।











