Rajpal Yadav Cheque Bounce Case : नई दिल्ली (22 फरवरी 2026): बॉलीवुड के कॉमेडी किंग राजपाल यादव इन दिनों फिल्मों से ज्यादा अपनी कानूनी लड़ाई को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद इस केस में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। राजपाल यादव के वकील ने दावा किया है कि इस पूरे विवाद की जड़ साल 2012 में हुई एक म्यूजिक लॉन्च की घटना है, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य अतिथि थे।
अमिताभ बच्चन और ‘स्टेज शेयर’ करने का विवाद राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय के अनुसार, यह मामला फिल्म ‘अता पता लापता’ के म्यूजिक लॉन्च के समय का है। इस इवेंट में अमिताभ बच्चन शामिल होने वाले थे। आरोप है कि फिल्म के लिए लोन देने वाले कारोबारी माधव गोपाल अग्रवाल भी अमिताभ बच्चन के साथ स्टेज शेयर करना चाहते थे। राजपाल की टीम ने इसके लिए मना कर दिया क्योंकि अमिताभ बच्चन बिना किसी व्यावसायिक लाभ के केवल सम्मान के तौर पर वहां आ रहे थे। वकील का दावा है कि इसी बात से नाराज होकर शिकायतकर्ता ने फिल्म की रिलीज रुकवाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
लोन एग्रीमेंट और करोड़ों की देनदारी पूरा विवाद 5 करोड़ रुपये के लोन से शुरू हुआ था, जो माधव गोपाल अग्रवाल ने फिल्म निर्माण के लिए दिया था। समय के साथ ब्याज और कानूनी कार्यवाही के चलते यह रकम बढ़ती गई। साल 2016 में कोर्ट ने 10.40 करोड़ रुपये की देनदारी तय की थी, जिसमें से राजपाल ने करीब 1.90 करोड़ रुपये चुका भी दिए थे। 2018 में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 11.5 करोड़ का जुर्माना और 3 महीने की सजा सुनाई थी।
वकील का पक्ष: पुराने चेक का हुआ गलत इस्तेमाल राजपाल के वकील ने अदालत में दलील दी है कि शिकायतकर्ता ने पुराने एग्रीमेंट के उन चेक्स का इस्तेमाल किया जो पहले ही निरस्त हो चुके थे। उनका कहना है कि नया समझौता होने के बाद पुराने चेक की कोई वैधानिकता नहीं रह गई थी। फिलहाल, राजपाल यादव को अंतरिम जमानत मिल गई है और उनकी टीम ने मामले की नए सिरे से सुनवाई की मांग की है।













