रायपुर : राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के सातवें दिन ही पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने नशे के खिलाफ सख्त आदेश जारी किया। गुरुवार को जारी आदेश में शहर में गोगो स्मोकिंग कोन (गोगो पेपर), रोलिंग पेपर और परफेक्ट रोल पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया।
सूखे नशे पर बड़ा असर
इन सभी सामग्रियों का इस्तेमाल सूखे नशे जैसे चरस और गांजा के सेवन में होता है। रायपुर शहर में पिछले कुछ वर्षों से इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ये सामान आसानी से पान की दुकानों, किराना दुकानों और चाय ठेलों में उपलब्ध हो जाता था। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि शहर में बढ़ते अपराधों में इसका बड़ा हाथ है।
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कमिश्नर का फोकस: अपराध और नशा नियंत्रण
राज्य शासन ने 23 जनवरी को रायपुर में पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की थी। कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सबसे पहले नशे के खिलाफ अभियान को प्रमुखता दी है। उनका मानना है कि शहर में अपराध और नशे का आपसी संबंध है। इस नए प्रतिबंध के बाद पुलिस सख्ती से दुकानों और विक्रेताओं की निगरानी करेगी।
किराना दुकानों और पान की दुकानों से हटाया जाएगा नशे का सामान
नए आदेश के अनुसार, शहर में जो भी दुकानें रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन या परफेक्ट रोल जैसी वस्तुएँ बेचती हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
युवाओं और समाज पर प्रभाव
पुलिस अधिकारी आशा कर रहे हैं कि इस कदम से युवाओं में नशे की पहुंच कम होगी और शहर में अपराध दर घटेगी। वहीं, जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को सूखा नशा करने के खतरों के बारे में भी चेताया जाएगा।
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। भविष्य में अन्य नशे की वस्तुओं पर भी सख्ती और नियमित छापेमारी जारी रहेगी।











