Raipur Crime: रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यायालय परिसर में फर्जी ऋण पुस्तिका और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की जमानत कराने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर न्यायालय को गुमराह कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्वयं को जमानतदार के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप है।
Raipur Crime: पुलिस ने इस मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 401/2026 और 402/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
Raipur Crime: न्यायालय परिसर में चल रही थी फर्जी जमानत की तैयारी
Raipur Crime: पुलिस के अनुसार, न्यायालय परिसर में फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर आरोपियों की जमानत कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
Raipur Crime: जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका के जरिए विभिन्न मामलों में आरोपियों की जमानत ले रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम न्यायालय परिसर पहुंची, जहां जांच के दौरान तीन महिलाएं काट-छांट कर तैयार की गई ऋण पुस्तिका के आधार पर जमानत की प्रक्रिया पूरी करती मिलीं।
Raipur Crime: पूछताछ में कबूला जुर्म
Raipur Crime: पुलिस पूछताछ में तीनों महिलाओं ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर विभिन्न न्यायालयों में आरोपियों की जमानत लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
Raipur Crime: पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
Raipur Crime: रायपुर पुलिस ने कहा है कि न्यायालय या किसी भी शासकीय कार्यालय में फर्जी अथवा कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Raipur Crime: गिरफ्तार आरोपी
* सुनीता देवी राजपूत (70 वर्ष), निवासी ग्राम टेका हल्दी, थाना तिल्दा, जिला रायगढ़।
* सरस्वती बाई सोनी (72 वर्ष), निवासी उरला काली मंदिर के पास, डीडी कॉलोनी, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
* मीना बाई कोरम (52 वर्ष), निवासी ग्राम भेजराटोला, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव।







