Bhupesh Baghel Counter: विष्णुदेव साय सरकार के कामकाज को भूपेश बघेल ने बताया पूरी तरह से माइनस में, साधा निशाना

VIKASH KHALKHO

Bhupesh Baghel Counter: रायपुर: कर्नाटक कांग्रेस में पावर ट्रांसफर को लेकर छत्तीसगढ़ का राजनीतिक माहौल इस वक्त पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व भूपेश सरकार के कथित ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की है। भाजपा ने लिखा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस बाबा के साथ कांग्रेस में बड़ा अन्याय हुआ है। इस तीखे पोस्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल पलटवार किया है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि यह भाजपा की जबरदस्ती भ्रम फैलाने की एक नाकाम कोशिश है।

हाईकमान का फैसला सर्वोपरि

दरअसल, कांग्रेस हाईकमान के निर्णय के बाद कर्नाटक में सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया है और अब डीके शिवकुमार नए मुख्यमंत्री बनेंगे। इसी घटनाक्रम को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाईकमान के किसी भी निर्णय पर पार्टी का कोई भी अनुशासित सिपाही कभी सवाल नहीं उठाएगा। भाजपा का मुख्य काम ही समाज में नफरत फैलाना है। उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन मैं मुख्यमंत्री बना था, उसी दिन से सवाल हो रहे थे कि आप ढाई साल में हटने वाले हैं।

सेना का काम परीक्षा कराना नहीं

इसके अलावा नीट एग्जाम में वायुसेना की मदद लेने के प्रस्ताव को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि सेना का उपयोग केवल देश की सुरक्षा के लिए होता है, परीक्षा आयोजित कराने के लिए नहीं। भारत सरकार ने अब खुद मान लिया है कि उसका गृह मंत्रालय पूरी तरह निकम्मा हो चुका है। यहाँ की स्थानीय पुलिस पर उन्हें बिल्कुल भरोसा नहीं बचा है। समस्या एनटीए (NTA) मंत्रालय में है, लेकिन इसका समाधान कहीं और ढूंढा जा रहा है।

साय सरकार का काम माइनस में

मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इस सरकार में किस मंत्री को सफल माना जाए? आज प्रदेश में स्थिति यह है कि जनता को न समय पर राशन मिल पा रहा है और न ही पीने का साफ पानी उपलब्ध है। इसके विपरीत, बिजली की अघोषित कटौती से आम लोग अलग से परेशान हो रहे हैं। ऐसा कौन सा विभाग है, जो आज जमीनी स्तर पर सही ढंग से काम कर रहा है।

प्रशासनिक अराजकता का माहौल

रायपुर के मंदिर हसौद में पानी के विवाद पर हुई युवक की हत्या पर दुख जताते हुए बघेल ने इसे हृदय विदारक घटना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने समाज में जो नफरत बोई है, आज पूरे प्रदेश को वही काटना पड़ रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के भीतर प्रशासनिक अराजकता का माहौल निर्मित हो चुका है। एक तरफ विधायक खुद नायब तहसीलदार की सरेआम पिटाई कर रहे हैं, तो उल्टा तहसीलदार पर ही काउंटर एफआईआर दर्ज हो रही है। अंततः, सरकार केवल अपनी स्वार्थपूर्ति में लगी हुई है और हसदेव में 7 लाख पेड़ों को काटने की अनुमति मिलने पर भी मुख्यमंत्री पूरी तरह मौन हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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