Raigarh Illegal Mining Action : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा गया है। एक सप्ताह तक चली इस सघन कार्रवाई में खनिज विभाग ने रेत, चूना पत्थर और बोल्डर के अवैध परिवहन में लगे कुल 31 वाहनों को जब्त किया है। जहां एक ओर विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी ओर घरघोड़ा क्षेत्र में एक भी कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
जिले भर में ताबड़तोड़ कार्रवाई जिला खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी के नेतृत्व में टीम ने अवैध परिवहन के मामलों में 27 ट्रैक्टर और 1 हाईवा रेत, 2 हाईवा चूना पत्थर और 1 ट्रैक्टर बोल्डर को जब्त किया है। इन जब्त वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर, खरसिया थाना और रैरूमा चौकी में खड़ा कराया गया है। इसके अलावा, 2 जनवरी की रात संबलपुरी (रायगढ़) में मुरूम के अवैध उत्खनन पर छापा मारकर एक जेसीबी और तीन टिपर जब्त किए गए। पूछताछ में इस अवैध कार्य के पीछे रायगढ़ निवासी हरिओम अग्रवाल का नाम सामने आया है, जिस पर अब कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
घरघोड़ा: क्या कार्रवाई के दायरे से बाहर है? जिले में हुई इस व्यापक कार्रवाई के बीच घरघोड़ा क्षेत्र का नाम गायब होना आश्चर्यजनक है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घरघोड़ा क्षेत्र अवैध उत्खनन और परिवहन का गढ़ बना हुआ है, लेकिन विभाग की नजरें यहाँ तक नहीं पहुँच पा रही हैं। अन्य क्षेत्रों में हुई सक्रियता के मुकाबले घरघोड़ा में विभाग की ‘शून्य’ कार्रवाई ने भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या घरघोड़ा अवैध खनन के लिए ‘सेफ ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है?
सख्त धाराओं में दर्ज हुए मामले खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जब्त वाहनों और उनके मालिकों के विरुद्ध ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015’ और ‘खान एवं खनिज अधिनियम 1957’ की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे भी निरंतर अभियान चलाने का दावा किया है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में क्या खनिज अमले का दस्ता घरघोड़ा की ओर रुख करता है या वहां के माफियाओं को अभयदान मिलता रहेगा।











