Operation Clean Hunt: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा द्वारा रायगढ़ जिले में सक्रिय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के विरुद्ध लगातार व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत अब तक कई बड़े सट्टा खाईवालों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में थाना साइबर रायगढ़ की टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और हवाला कारोबार के लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आकाश पंसारी पिता कैलाशचंद पंसारी उम्र बत्तीस वर्ष निवासी ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस संगठित सट्टा सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद से ही जिले के आर्थिक अपराधियों और सट्टा खाईवालों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय और तकनीकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
करण चौधरी सिंडिकेट की जांच में खुला था आरोपी का नाम
विदित हो कि नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा द्वारा थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 तथा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मामलों में गिरफ्तार कुख्यात खाईवाल करण चौधरी गैंग के पूरे नेटवर्क की बहुत ही गहनता से जांच की जा रही है। इसी विवेचना के दौरान करण चौधरी के साथ मिलकर अवैध सट्टा कारोबार और मनी लाउंड्रिंग में संलिप्त कई सफेदपोशों और खाईवालों के नाम सामने आए थे, जिनमें सक्ती निवासी आकाश पंसारी का नाम भी प्रमुखता से शामिल था। इसके विपरीत पुलिस को जब आरोपी के खिलाफ पर्याप्त तकनीकी एवं वित्तीय साक्ष्य मिल गए, तो वह गिरफ्तारी के डर से लगातार फरार चल रहा था।
आरोपी की लगातार पतासाजी के लिए साइबर थाने की एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने मुखबिर तंत्र और मोबाइल लोकेशन के आधार पर अंततः सक्ती में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा।
रायगढ़ से लेकर दिल्ली तक फैला था अवैध सट्टा और हवाला का जाल
प्रारंभिक पूछताछ और डिजिटल दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी आकाश पंसारी केवल क्रिकेट सट्टा खिलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह सट्टे की करोड़ों रुपये की रकम को हवाला चैनलों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में सुरक्षित स्थानांतरित करने में भी मुख्य भूमिका निभा रहा था। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि करण चौधरी अपने साथियों के साथ मिलकर रायगढ़, सक्ती, रायपुर और बिलासपुर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक अपना नेटवर्क फैला चुका था।
सट्टे से रोजाना प्राप्त होने वाली इस बड़ी काली कमाई को सीधे अपने बैंक खातों में न रखकर ये आरोपी शहर के परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंपों, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप करते थे। इसके बाद इसी डंप कैश को हवाला संचालकों के जरिए आगे ठिकाने लगाया जाता था।
करोड़ों की नगदी और नोट गिनने की मशीन पहले ही हो चुकी है जब्त
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में रायगढ़ पुलिस ने पूर्व में करण चौधरी से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित एक आलीशान फ्लैट में बड़ी छापेमारी की थी। वहां से पुलिस ने सुनील अग्रवाल के कब्जे से पचास लाख रुपये नगद और नोट गिनने की मशीन बरामद की थी। इसके साथ ही उसके पुत्र पुष्कर अग्रवाल के पास से भी बावन लाख साठ हजार रुपये नगद बरामद किए गए थे।
इस प्रकार इस पूरे सिंडिकेट से अब तक करोड़ों रुपये की नगद राशि जब्त की जा चुकी है। पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और चैट हिस्ट्री खंगाली, तो यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि यह सिर्फ सामान्य सट्टेबाजी का मामला नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही सुसंगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट है जो जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपने बजाय अपने कर्मचारियों और सहयोगियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था।
तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
साइबर पुलिस ने सक्ती से गिरफ्तार आरोपी आकाश पंसारी के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किया जाने वाला एक कीमती आईफोन और एक अन्य वीवो मोबाइल फोन भी विधिवत जब्त किया है। इन मोबाइलों में मौजूद कई महत्वपूर्ण चैट और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है जिससे कई और बड़े नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है। फरार आरोपी को पकड़ने में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और उनकी पूरी टीम की बहुत ही सराहनीय भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस सट्टा और हवाला नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। अंततः, पुलिस की इस कड़क कार्रवाई के बाद अब इस सिंडिकेट के अन्य फरार सदस्यों की भी जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।









