‘डेड इकॉनमी’ विवाद में राहुल अलग, थरूर अलग– अमेरिका से रिश्ते पर कांग्रेस में मतभेद उजागर

0
150

‘डेड इकॉनमी’ नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘डेड इकॉनमी’ वाले बयान से सहमति जताने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर मतभेद उभरते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि वह पार्टी नेतृत्व की बात पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे, लेकिन अमेरिका से भारत के रणनीतिक और व्यापारिक संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें कमजोर नहीं होने दिया जा सकता।

Read More : जबलपुर नगर निगम का बड़ा फैसला : बर्फानी सिक्योरिटी सर्विसेस का ठेका टर्मिनेट, 7 संभागों में प्रभावी होगा निर्णय

शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि, “राहुल गांधी ने जो कहा उसके पीछे उनके अपने कारण होंगे। मेरी चिंता यह है कि अमेरिका के साथ हमारा रणनीतिक और आर्थिक रिश्ता बेहद अहम है। हम अमेरिका को करीब 90 अरब डॉलर का निर्यात करते हैं। हम ऐसा नुकसान नहीं उठा सकते कि ये व्यापारिक संबंध कमजोर पड़ें या खत्म हो जाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि, “हमें अपने वार्ताकारों को ताकत और समर्थन देना चाहिए ताकि भारत के लिए एक उचित समझौता हो सके। साथ ही, हमें दूसरे क्षेत्रों से भी निर्यात के विकल्प तलाशने चाहिए ताकि अगर अमेरिका से नुकसान होता है तो उसकी भरपाई कहीं और से हो सके।”

कांग्रेस के भीतर यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति और व्यापारिक फैसलों को लगातार निशाना बना रहा है। लेकिन शशि थरूर के इस बयान को पार्टी के भीतर संतुलित दृष्टिकोण के तौर पर देखा जा रहा है, जहां वैश्विक कूटनीति और व्यापार को नुकसान पहुंचाए बिना आलोचना की जाए।

मानहानि के एक पुराने मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी पर भी शशि थरूर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, “हमारी न्यायिक व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई बार बेहद हल्के और तुच्छ मुकदमों को चलने की इजाजत मिल जाती है, और तब प्रक्रिया ही सज़ा बन जाती है।”

Read More : कोरबा जेल से 4 विचाराधीन कैदी फरार : 25 फीट ऊंची दीवार फांदकर दी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती

थरूर ने कहा, “मैंने एक किताब में 2011 में छपे लेख का हवाला दिया था, जिसमें एक संघ से जुड़े व्यक्ति का बयान उद्धृत था। छह साल बाद उसी पर मेरे खिलाफ केस दर्ज किया गया। सुप्रीम कोर्ट की यह सलाह कि मामला वापस ले लिया जाए, आश्चर्यजनक नहीं है।”

विपक्ष में संवाद की उम्मीद

अगले उपराष्ट्रपति को लेकर पूछे गए सवाल पर थरूर ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस बार सत्ता पक्ष विपक्ष से भी परामर्श करेगा, हालांकि मौजूदा मतदाता मंडल की संरचना के चलते अंतिम फैसला सत्ता पक्ष का ही होगा।”

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here