Pune Rave Party : पुणे, महाराष्ट्र | महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में शनिवार रात एक बड़ी हलचल मच गई जब पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने खराड़ी इलाके में एक फ्लैट में चल रही हाई-प्रोफाइल रेव पार्टी पर छापा मारा। इस कार्रवाई में एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे के दामाद डॉ. प्रांजल खेवलकर समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए लोगों में 2 महिलाएं भी शामिल थीं, जो नशे की हालत में मिलीं।
गुप्त सूचना पर कार्रवाई, ड्रग्स और संदिग्ध सामग्री बरामद
पुलिस को इस पार्टी के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात फ्लैट पर छापा मारा। आरोप है कि पार्टी में कोकीन, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन हो रहा था। मौके से नशीली सामग्री, शराब और अन्य संदिग्ध वस्तुएं जब्त की गई हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
गिरफ्तारी के बाद डॉ. प्रांजल खेवलकर को ससून अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने उनके हडपसर स्थित आवास पर तलाशी अभियान चलाया, जहां से कई डिजिटल डिवाइस और कागजात भी जब्त किए गए।
खडसे बोले – कहीं कार्रवाई राजनीतिक तो नहीं?
एकनाथ खडसे ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि यह पुलिस कार्रवाई कहीं राजनीतिक उद्देश्य से तो नहीं की गई।”
वहीं शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि,
“यह छापा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सत्ता के खिलाफ आवाज उठाते हैं।”
NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुणे पुलिस ने बताया कि रेव पार्टी में मौजूद सभी लोग नशे का सेवन कर रहे थे। जब्त की गई सामग्री में ड्रग्स, शराब और हुक्का शामिल है। पुलिस ने NDPS एक्ट और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत सभी 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कौन हैं डॉ. प्रांजल खेवलकर?
- प्रांजल खेवलकर, एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी खडसे के दूसरे पति हैं।
- रोहिणी NCP (शरद पवार गुट) की महिला प्रदेश अध्यक्ष हैं।
- प्रांजल एक रियल एस्टेट डेवेलपर और इवेंट मैनेजमेंट प्रोफेशनल हैं।
- उनके नाम पर चीनी, ऊर्जा और ट्रैवल कंपनियां भी पंजीकृत हैं।
- उनका खडसे परिवार के साथ मुक्ताई नगर में पुराना संबंध है।
बताया गया है कि रोहिणी ने अपने पहले पति से तलाक के बाद अपने बचपन के दोस्त प्रांजल से विवाह किया था।
क्यों है यह मामला संवेदनशील?
- यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ विपक्षी नेता के परिवार का नाम सामने आया है
- सरकार और विपक्ष दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
- सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या हाई-प्रोफाइल लोगों को भी अब कानून के दायरे में लाया जा रहा है या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है?











