Pratapgarh Gangster Raid : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक जेल में बंद गैंगस्टर के घर पर हुई छापेमारी ने पुलिस को भी चौंका दिया। मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में कुख्यात गैंगस्टर राजेश मिश्रा के घर पर हुई दबिश में इतना कैश और मादक पदार्थ बरामद हुआ कि पुलिस को नोट गिनने में पूरे 22 घंटे लग गए।
Pratapgarh Gangster Raid : बरामदगी का रिकॉर्ड
पुलिस के इतिहास में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में इतनी बड़ी नकद राशि शायद पहली बार बरामद हुई है।
| बरामदगी का विवरण | मात्रा/राशि | अनुमानित कीमत |
| नकदी (₹10, ₹20, ₹50, ₹100 के नोट) | ₹2,01,55,345 (2.01 करोड़ रुपये) | – |
| गांजा | 6.075 किलोग्राम | – |
| स्मैक (हेरोइन) | 577 ग्राम | – |
| कुल बरामदगी मूल्य | – | ₹3 करोड़ 17 लाख से अधिक |
घर के अंदर नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा और लोहे के ट्रंक में स्मैक मिली। एक इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई, जिससे साफ था कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर काम कर रहा था।
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जेल से नेटवर्क, बाहर से परिवार’
जांच में खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर राजेश मिश्रा जेल के अंदर से ही अपना पूरा अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क चला रहा था।
नेटवर्क की कमान: जेल जाने के बाद उसकी पत्नी रीना मिश्रा ने सिंडिकेट की कमान संभाली। वह रोज जेल में बैठे राजेश से डील फाइनल करने के निर्देश लेती थी।
फर्जीवाड़े का पर्दाफाश: रीना मिश्रा और बेटे विनायक मिश्रा ने राजेश की रिहाई के लिए फर्जी जमानत दस्तावेज भी तैयार करवाए थे। इन पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
कुर्की: पुलिस पहले भी इस परिवार की ₹3 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर चुकी थी, बावजूद इसके नेटवर्क चलता रहा।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची (एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट)
पुलिस ने मौके से रीना मिश्रा (माफिया क्वीन), बेटा विनायक मिश्रा, बेटी कोमल मिश्रा, और दो रिश्तेदार यश मिश्रा और अजीत कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया है।
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एसपी दीपक भूकर ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ ‘लंबी रणनीति की शुरुआत’ बताते हुए कहा कि इस गिरोह की जड़ों को जड़ से खत्म किया जाएगा। जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहनता से जांच कर रही हैं।











