Popular Front of India : नई दिल्ली/केरल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल में PFI से जुड़ी 8 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इन संपत्तियों की कीमत लगभग ₹67.03 करोड़ बताई गई है। ईडी की जांच में अब तक ₹131 करोड़ के अवैध धन (Proceeds of Crime) के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
ट्रस्टों और SDPI के नाम पर रजिस्टर्ड थीं संपत्तियां
ईडी ने यह कार्रवाई NIA और अन्य एजेंसियों द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। जांच में पता चला कि PFI इन संपत्तियों को नियंत्रित और संचालित करता था, लेकिन इन्हें कार्रवाई से बचने के लिए अलग-अलग ट्रस्टों और इसके राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के नाम पर रजिस्टर्ड किया गया था। ईडी के अनुसार, SDPI पूरी तरह से PFI का राजनीतिक फ्रंट था, जिसकी फंडिंग और नीतियां PFI द्वारा नियंत्रित की जाती थीं।
Popular Front of India : आतंकी गतिविधियों के लिए देश-विदेश से जुटाया फंड
ईडी की जांच में सामने आया कि PFI के पदाधिकारी और सदस्य देश-विदेश, खासकर खाड़ी देशों से, बैंकिंग चैनल, हवाला और डोनेशन के जरिए फंड जुटा रहे थे। यह फंड ‘राहत और सामाजिक कार्यों’ के नाम पर जुटाया जाता था, लेकिन इसका वास्तविक इस्तेमाल भारत में हिंसक और आतंकी गतिविधियों को फंड करने और अंजाम देने के लिए किया जाता था।
Read More : Ease of Justice : “इज ऑफ जस्टिस” पर पीएम मोदी का जोर : CJI के सामने अपील, कानून की भाषा सभी को समझ आए
जांच के प्रमुख खुलासे:
- कुल अवैध कमाई: अब तक ₹131 करोड़ के अवैध धन की पहचान की गई है।
- फर्जी फंडिंग: कई दान नकली थे या दान देने वाले अस्तित्व में नहीं थे।
- गुप्त हिसाब: PFI ने SDPI के लिए किए गए खर्चों को गुप्त डायरी में दर्ज किया, जो बैंक खातों में नहीं दिखाया गया।
गिरफ्तारी: ईडी ने अब तक PFI के 28 नेताओं और सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें SDPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैज़ी सहित अन्य पदाधिकारी और हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने वाले ‘फिजिकल एजुकेशन’ कोऑर्डिनेटर भी शामिल हैं।
Popular Front of India : SIMI कनेक्शन और ट्रेनिंग सेंटर सील
जांच में यह भी सामने आया कि PFI के वैचारिक नेता पहले प्रतिबंधित संगठन SIMI (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) से जुड़े थे। SIMI पर प्रतिबंध के बाद, इन लोगों ने केरल में कई ट्रस्ट बनाकर उन्हीं के नाम पर संपत्तियां रजिस्टर्ड कराईं। ईडी ने खुलासा किया कि PFI अपने ट्रस्टों की संपत्तियों, जैसे वल्लुवनाड हाउस और मालाबार हाउस पर ‘फिजिकल एजुकेशन’ क्लासेस चलाता था, जहाँ सदस्यों को हमले, हथियार चलाने और ‘जिहादी एजेंडा’ के लिए तैयार किया जाता था। ईडी ने ऐसी संपत्तियों को भी अटैच कर लिया है।
नवीनतम कार्रवाई के साथ, PFI से जुड़ी कुल अटैच संपत्ति का मूल्य अब ₹129 करोड़ तक पहुँच गया है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है।













