Political Reactions India Budget : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए बजट 2026-27 पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा और आप सहित तमाम विपक्षी दलों ने इसे आम आदमी की उम्मीदों के खिलाफ बताते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट उन युवाओं के लिए कुछ नहीं है जिनके पास नौकरी नहीं है और न ही इसमें किसानों की परेशानी का कोई समाधान है। राहुल ने इसे ‘सुधार से इनकार’ करने वाला बजट बताया।
राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बजट में क्षेत्रीय असंतुलन का मुद्दा उठाया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘दिशाहीन’ करार देते हुए कहा कि यह बजट एससी, एसटी और ओबीसी विरोधी है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रोष जताते हुए कहा कि पंजाब के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने एमएसपी पर किसी ठोस घोषणा के न होने और टैक्स में राहत न मिलने को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका बताया।
बिहार और यूपी की अनदेखी पर बरसे नेता आरजेडी सांसद मीसा भारती ने बिहार को विशेष पैकेज न मिलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरे भाषण में उन्हें ‘बिहार’ शब्द तक सुनने को नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि अगर राज्यों की उपेक्षा होगी तो ‘विकसित भारत’ की शुरुआत कैसे होगी? समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट केवल कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाया गया है और बुनियादी ढांचे के नाम पर इसमें केवल खानापूर्ति की गई है।
आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम।
हमने तो पहले ही कहा था :
– सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा।
– जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी।
– हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बँटे बीस) का बजट… pic.twitter.com/ZmrGZMkfiX— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 1, 2026
फंड और संघीय ढांचे पर सवाल दक्षिण भारत के राज्यों से भी बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया आई है। केरल के मंत्री पी. राजीव और डीएमके सांसद कनिमोझि ने फंड आवंटन में कटौती का आरोप लगाया। कनिमोझि ने कहा कि राज्यों ने 50% फंड की मांग की थी, लेकिन सरकार ने केवल 41% ही प्रदान किया है, जो संघीय ढांचे को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार पूर्ण बहुमत के अहंकार में देश के वास्तविक आर्थिक संकटों को नजरअंदाज़ कर रही है।













