PM Modi Attack on TMC : हुगली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली के सिंगूर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए पूर्वी भारत का विकास अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के किसानों, युवाओं और माताओं-बहनों की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत है, लेकिन राज्य की टीएमसी सरकार इसमें अड़ंगा डाल रही है। पीएम ने तीखे शब्दों में कहा कि टीएमसी बंगाल के लोगों से अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक दुश्मनी निकाल रही है, जिसके कारण यहां के लोग विकास की मुख्यधारा से पिछड़ रहे हैं।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार को पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और कई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की गई है। उन्होंने हुगली के बालागढ़ में एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम के महत्व को समझाते हुए कहा कि इससे पूरे इलाके के लिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। पीएम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले 11 वर्षों में किए गए भारी निवेश का भी उल्लेख किया।
हुगली की ऐतिहासिक धरती का नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी भूमि पर ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने ‘वंदे मातरम्’ को पूर्ण स्वरूप दिया था। उन्होंने आह्वान किया कि जिस प्रकार यह गीत आजादी के आंदोलन का उद्घोष बना था, वैसे ही अब इसे विकसित भारत और विकसित बंगाल का मंत्र बनाना होगा। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों, जैसे कर्तव्य पथ पर उनकी प्रतिमा और अंडमान में द्वीपों के नामकरण का जिक्र कर बंगाल की अस्मिता से खुद को जोड़ा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हुगली में आलू, प्याज और सब्जियों की बंपर पैदावार होती है। उनका सपना है कि दुनिया भर के बाजारों में भारत के किसान और मछुआरे अपनी उपज से धूम मचा दें। उन्होंने जूट किसानों के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्लास्टिक के विरुद्ध ठोस नीति बनाकर जूट पैकेजिंग को और बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पश्चिम बंगाल के जूट उद्योग को नई संजीवनी मिलेगी।
राजनीतिक परिदृश्य पर बोलते हुए पीएम मोदी ने बिहार के हालिया घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में एनडीए ने ‘जंगलराज’ को रोका है, उसी तरह बंगाल की जनता भी अब टीएमसी के ‘महा जंगलराज’ को बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में ‘असली परिवर्तन’ की लहर चल पड़ी है और आगामी समय में यहां विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।











