बुरहानपुर : देश के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से सीधा संवाद किया। पिछले 12 वर्षों से लगातार जारी इस कार्यक्रम में इस बार उन्होंने देश के बदलते मौसम, किसानों की स्थिति, होली पर्व और पवित्र रमजान माह को लेकर विशेष संदेश दिया।
किसानों और मौसम पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आत्मा गांवों और खेतों में बसती है। उन्होंने बदलते मौसम और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए किसानों की मेहनत को नमन किया।
होली: प्रेम और विश्वास का पर्व
आने वाले रंगों के पर्व होली की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आपसी विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी से सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली मनाने की अपील की।
रमजान: संयम और भाईचारे का संदेश
प्रधानमंत्री ने पवित्र रमजान माह की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि रमजान आत्मसंयम, तपस्या और भाईचारे का संदेश देता है, जो समाज को एकजुट करने की शक्ति रखता है।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने किया समर्थन
खंडवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश को सकारात्मक दिशा देने वाला मंच है।
उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जबकि रमजान आत्मसंयम और सामाजिक एकता का संदेश देता है। सांसद ने देशवासियों से अपील की कि वे प्रेम, शांति और सद्भाव के साथ इन पर्वों को मनाएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी लगातार 12 वर्षों से ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। आज उन्होंने होली और रमजान जैसे पावन अवसरों पर सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया है। हम सभी को प्रेम और भाईचारे की भावना के साथ इन पर्वों को मनाना चाहिए।”













