नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार को समाप्त होने के साथ ही संसद भवन के भीतर एक अलग ही राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। सत्र के औपचारिक समापन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर आयोजित चाय चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेता एक साथ नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अनौपचारिक माहौल में सत्र की कार्यवाही और संसदीय कार्यों पर विचार-विमर्श किया।
चाय पर जुटे दिग्गज नेता
इस चाय पार्टी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, ललन सिंह, किरण रिजिजू और अर्जुनराम मेघवाल मौजूद रहे। वहीं विपक्ष की ओर से एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और धर्मेंद्र यादव, तथा डीएमके के ए राजा जैसे प्रमुख फ्लोर लीडर शामिल हुए।
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पीएम मोदी और प्रियंका गांधी के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रियंका गांधी के बीच वायनाड से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बातचीत का माहौल पूरी तरह सौहार्दपूर्ण रहा, जिसे राजनीतिक शिष्टाचार का उदाहरण माना जा रहा है।
संसद भवन में सुविधाओं को लेकर सुझाव
चर्चा के दौरान सदस्यों ने संसद भवन में एक समर्पित बैठक हॉल की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जैसा कि पुराने संसद भवन में हुआ करता था। साथ ही यह राय सामने आई कि सत्र उपयोगी रहा, लेकिन इसे और लंबा किया जा सकता था, क्योंकि देर रात तक विधेयकों को पारित करना आदर्श संसदीय परंपरा नहीं मानी जाती।
हल्के-फुल्के अंदाज में भी हुई बातें
बैठक में यह भी कहा गया कि विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण सत्र अपेक्षाकृत छोटा रहा। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि वह विपक्ष की आवाज़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहते थे। शीतकालीन सत्र के दौरान ‘जी राम जी बिल’, दिल्ली में प्रदूषण और वंदे मातरम से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे।
संसदीय परंपरा का प्रतीक
यह चाय पार्टी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निभाई जा रही उस परंपरा का हिस्सा है, जिसमें सत्ता और विपक्ष के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाता है। इसे संसदीय लोकतंत्र में संवाद और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। पिछली बार मानसून सत्र के बाद विपक्ष ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था, लेकिन इस बार सभी दलों की भागीदारी को सकारात्मक राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।













