निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को उनके खिलाफ चल रहे तीन लंबित मामलों में अदालत ने जमानत दे दी है। लंबे समय से कानूनी दांव-पेंचों का सामना कर रहे सांसद के समर्थकों में इस खबर के बाद खुशी की लहर देखी गई। पप्पू यादव ने हमेशा इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया था। अब अदालत से बेल मिलने के बाद वे पूरी तरह से स्वतंत्र होकर अपने संसदीय क्षेत्र और जनता के बीच सक्रिय हो सकेंगे।
बेल मिलने के बाद जल्द बेउर जेल से रिहाई संभव
सांसद पप्पू यादव के खिलाफ पटना और पूर्णिया में दर्ज तीन मामलों में अदालत ने जमानत मंजूर की है। इसमें गर्दनीबाग और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से जुड़े केस भी शामिल हैं। कानूनी सूत्रों के मुताबिक, जमानत की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा। समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया और न्यायालय पर भरोसा जताया।
6 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
सांसद को पटना के मंदिरी आवास से 6 जनवरी की आधी रात को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच बहस और हंगामा हुआ। बाद में सांसद को IGIMS ले जाया गया।
किस मामले में थे आरोपी
राजेश रंजन पर 1995 में पुनाईचक के एक मकान पर कब्जा करने का आरोप था। इस मामले की प्राथमिकी शास्त्रीनगर टीओपी में दर्ज हुई थी और बाद में गर्दनीबाग थाना में स्थानांतरित कर दी गई। मकान मालिक ने दावा किया कि उनका किराए का मकान राजनीतिक दल के कार्यालय के लिए उपयोग किया जा रहा था। यह मामला लगभग 31 साल से न्यायालय में लंबित था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
जमानत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस फैसले पर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। समर्थकों का कहना है कि अब सांसद पप्पू यादव अपने क्षेत्र में जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।













