निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पाकिस्तान में जनवरी 2026 के दौरान सुरक्षा स्थिति तेजी से खराब होती नजर आई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी और विद्रोही हिंसा की घटनाओं में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले महीनों में हालात और ज्यादा भयावह हो सकते हैं।
जनवरी में 75 आतंकी और विद्रोही घटनाएं
सुरक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 से 31 जनवरी 2026 के बीच पाकिस्तान में कुल 75 आतंकी और विद्रोही हमले दर्ज किए गए। इन घटनाओं में 40 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो चुकी है। 28 जनवरी को बाजौर में हुए एक हमले में मारे गए व्यक्ति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हमले की जिम्मेदारी ISKP (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) ने ली, जबकि मृतक का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन MML से बताया जा रहा है।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान
जनवरी महीने में सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को हुआ है।
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99 से ज्यादा जवानों की मौत दर्ज की गई
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मृतकों में लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक का अधिकारी भी शामिल
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28 जनवरी को निजी वाहन में यात्रा के दौरान टारगेटेड अटैक में अधिकारी की जान गई
हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में 140 से ज्यादा आतंकियों और विद्रोहियों को मार गिराया गया।
बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा हिंसा
ताजा अपडेट के अनुसार बलूचिस्तान में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं।
बलूच फ्रीडम फाइटर्स ने ऑपरेशन हीरोफ 2.0 शुरू कर दिया है, जिसे मार्च 2025 में हुए बड़े हमलों की तरह समन्वित अभियान बताया जा रहा है।
क्वेटा रेड ज़ोन, नुश्की, दल्बंदिन, कलात, ग्वादर और पसनी सहित कई इलाकों में लगातार हमले हो रहे हैं।
नुश्की में CTD के 8 जवानों की मौत की खबर है, जबकि तुंप इलाके में सुबह 3 बजे से मुठभेड़ जारी बताई जा रही है।
2026 और ज्यादा खतरनाक हो सकता है
सुरक्षा आकलनों के अनुसार यह सिर्फ जनवरी का आंकड़ा है। संशोधित रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2026 के अंत तक 1500 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक और सुरक्षाकर्मी मारे जा सकते हैं, जो देश के लिए अब तक की सबसे गंभीर सुरक्षा चुनौती साबित हो सकती है।











