pakistan army : नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच करीब 40 घंटे तक चले भीषण संघर्ष के बाद हालात गृह युद्ध जैसे बन गए हैं। दोनों पक्षों की ओर से भारी नुकसान के दावे किए जा रहे हैं। बीएलए ने बलूचिस्तान के कई इलाकों में अपने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण को अंजाम देने का दावा किया है।
pakistan army : बीएलए के अनुसार, इस संघर्ष में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक जवान मारे गए हैं, जबकि 17 सुरक्षाकर्मियों को बंदी बनाया गया है। संगठन का कहना है कि यह आंकड़ा प्रारंभिक है और वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है। बीएलए ने दावा किया है कि पकड़े गए कर्मियों और सैन्य संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा उचित समय पर मीडिया के सामने रखा जाएगा।
दूसरी ओर, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को बताया कि सिलसिलेवार हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने लगभग 40 घंटों के भीतर 145 आतंकवादियों को मार गिराया है। क्वेटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि इस आंकड़े में शुक्रवार और शनिवार को छापेमारी के दौरान मारे गए आतंकी और तलाशी अभियानों में ढेर किए गए अन्य लोग शामिल हैं। इन घटनाओं में दर्जनों सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों की भी जान गई है।
बीएलए ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में ऑपरेशन समाप्त होने की घोषणा नहीं की गई है, वहां स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
pakistan army : इस बीच पाकिस्तान ने इन हमलों के लिए भारत पर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तानी सेना ने बिना कोई सबूत पेश किए दावा किया कि हमले ‘भारत समर्थित आतंकवादियों’ द्वारा किए गए। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इस आरोप को दोहराते हुए कहा कि हमलावरों के संबंध भारत से हैं और उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
pakistan army : हालांकि भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे आरोप पाकिस्तान की आंतरिक नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि हर हिंसक घटना के बाद निराधार आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।













