निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ, समाजसेवी और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के अध्यक्ष डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन का शुक्रवार को दीर्घकालिक अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। उनके निधन से चिकित्सा जगत और समाज सेवा के क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
नेत्र सेवा में पाँच दशकों का समर्पण
डॉ. जैन ने पाँच दशकों से अधिक समय तक चिकित्सा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। चित्रकूट स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के माध्यम से उन्होंने लाखों नेत्र रोगियों को नई दृष्टि प्रदान की। उनके प्रयासों से न केवल मरीजों का उपचार हुआ, बल्कि उनके जीवन में आशा और आत्मविश्वास का संचार भी हुआ।
पद्मश्री से हुआ सम्मान
भारत सरकार ने वर्ष 2025 में चिकित्सा सेवा और समाज कल्याण में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके दशकों लंबे समर्पण और सेवा भावना की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता था।
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एम्स रायपुर को दिया नई दिशा
एम्स रायपुर के अध्यक्ष के रूप में डॉ. जैन का नेतृत्व प्रेरणादायी रहा। उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण, सादगी और मानवीय संवेदनशीलता ने संस्थान की कार्यसंस्कृति को सेवा-उन्मुख और सशक्त बनाया।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. जैन का निधन चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन सेवा, करुणा और मानवता के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
एम्स परिवार शोकाकुल
डॉ. जैन के निधन से एम्स रायपुर परिवार गहरे शोक में है। फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी इस दुखद समाचार से व्यथित हैं। संस्थान ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन का योगदान सदैव चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।











