दार्जिलिंग। उत्तर बंगाल में रात भर हुई लगातार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। दार्जिलिंग जिले के मिरिक और सुखिया पोखरी में भूस्खलन की वजह से 14 लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन के अनुसार राहत और बचाव अभियान जारी है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
भूस्खलन और जलभराव के चलते दार्जिलिंग के कई इलाके पूरी तरह से ठप हो गए हैं। चित्रे, सेल्फी दारा और अन्य स्थानों पर एनएच-10 बंद है, जबकि एनएच-717ए पर मलबा हटाने का काम जारी है। तीस्ता बाजार से कलिम्पोंग जाने वाला मार्ग नदी में बढ़े जलस्तर के कारण बंद है। दुधेय में एक पुल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसे सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
रोहिणी रोड और कुर्सेओंग में जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित है। जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार में भी बारिश का असर देखने को मिला है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जबकि बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
मौसम विभाग ने सिक्किम के सभी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
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भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (GTA) ने दार्जिलिंग के टाइगर हिल, रॉक गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है। दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन सेवा भी सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और केवल वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।











