In accordance with NEP-2020 : माकड़ी। बीआरसी कार्यालय माकड़ी में नई शिक्षा नीति (NEP–2020) और एनसीईआरटी (NCERT) की अनुशंसाओं के अनुरूप आयोजित कक्षा 6वीं के विषय ‘जिज्ञासा’ पर आधारित पाँच दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को इस विषय की मूल अवधारणाओं और उसकी नवीन शिक्षण प्रक्रियाओं पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान करना था, ताकि वे कक्षा में छात्रों को प्रभावी ढंग से शिक्षित कर सकें।
पाँच दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में ‘जिज्ञासा’ विषय से जुड़े अनेक प्रमुख बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। इसमें NEP–2020 की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, विज्ञान और पर्यावरण से संबंधित कई टॉपिक शामिल थे। प्रमुख रूप से ‘विज्ञान का अनूठा संसार’, ‘सजीव जगत में विविधता’, ‘उचित आहार – जीवन का आधार’, ‘चुंबक को जानें’, ‘जल की विविध अवस्थाएँ’, ‘ताप एवं उसका मापन’, ‘लंबाई एवं गति का मापन’ और ‘सामग्री का वर्गीकरण’ जैसे वैज्ञानिक पहलू शामिल थे।
In accordance with NEP-2020 इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण में व्यवहारिक और पर्यावरणीय विषयों जैसे ‘किचन गार्डन’, ‘जल संरक्षण’ और ‘प्लास्टिक बचाव’ पर भी जोर दिया गया। इन सभी बिंदुओं पर मास्टर ट्रेनर्स श्री निरंजन पोयाम एवं श्री देव्रत सिंह मरकाम ने विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक न रखकर, अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न शिक्षण गतिविधियों, प्रयोगों, उदाहरणों तथा सहभागात्मक विधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को विषय में व्यवहारिक रूप से पारंगत बनाया जा सका।
इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण को सफल बनाने में बीआरसी श्री ताहिर अहमद खान, बीआरपी श्री भेदराम मानकर, और चतुर्थवर्ग कर्मचारी श्री सोनधर बघेल का विशेष सहयोग सराहनीय रहा। इनके कुशल समन्वय से यह विषय-आधारित प्रशिक्षण अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहा।
In accordance with NEP-2020 प्रशिक्षण के समापन के साथ ही, सभी प्रतिभागी शिक्षक ‘जिज्ञासा’ विषय के प्रभावी अध्यापन के लिए नई ऊर्जा और ज्ञान से परिपूर्ण होकर अपने-अपने विद्यालयों की ओर लौटे। उम्मीद है कि यह विशेष प्रशिक्षण शिक्षकों को NEP–2020 के उद्देश्यों को पूरा करने और छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा जिज्ञासा विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।











