Public Examinations Amendment Bill Introduced in Lok Sabha: नई दिल्ली। देश भर में आयोजित होने वाली प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं में पर्चा लीक और धांधली पर पूर्ण विराम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा विधायी कदम उठाया है। सोमवार, 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक’ (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill) प्रस्तुत किया।
इस प्रस्तावित कानून के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में अनियमितता बरतने वालों, नकल माफिया, सॉल्वर गिरोहों और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के खिलाफ कड़े से कड़े दंडात्मक प्रावधान तय किए गए हैं।
नए कानून में सजा और जुर्माने के सख्त प्रावधान:
संसद में पेश किए गए विधेयक के मसौदे के अनुसार, परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ निम्नलिखित सख्त कार्रवाइयों का प्रस्ताव है:
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जेल और आर्थिक दंड: पेपर लीक करने या परीक्षा में संगठित रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के दोषियों को 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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सर्विस प्रोवाइडर पर नकेल: परीक्षा आयोजित कराने वाली यदि कोई प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी या एजेंसी दोषी पाई जाती है, तो उसे 8 साल तक के लिए ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया जाएगा।
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कंपनी डायरेक्टर्स की जवाबदेही: परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी के डायरेक्टर, मैनेजर अथवा शीर्ष अधिकारियों की संलिप्तता साबित होने पर उन्हें भी 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ जुर्माना भुगतना होगा।
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कोचिंग सेंटरों की संपत्ति होगी जब्त: पर्चा लीक सिंडिकेट में शामिल पाए जाने वाले कोचिंग संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनकी अवैध संपत्ति कुर्क/जब्त करने का कड़ा नियम प्रस्तावित है।
🏛️ विपक्ष का जोरदार हंगामा, राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित
लोकसभा में जब इस महत्वपूर्ण विधेयक को पटल पर रखा जा रहा था, उस समय विपक्षी सांसदों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों, हाल ही में हुए आंदोलनों और अभ्यर्थियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई व दर्ज FIRs को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
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प्रियंका गांधी वाड्रा का सवाल: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों व पुलिसिया कार्रवाई पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल खड़े किए।
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अखिलेश प्रसाद सिंह का बयान: वहीं, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “देर से ही सही, लेकिन पेपर लीक जैसी गंभीर बीमारी को रोकने के लिए सरकार का यह कदम सही दिशा में है।” इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के व्यापक हित में जल्द से जल्द ठोस धरातलीय कार्रवाई की मांग की।
विपक्ष के लगातार जारी शोर-शराबे और हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी 6 सदस्यीय ‘हाई पावर टास्क फोर्स’
विधेयक पेश करने के साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार परीक्षा प्रणाली के प्रशासनिक व तकनीकी कायाकल्प के लिए एक 6 सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है।
इन्फोसिस के को-फाउंडर और आधार परियोजना के जनक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी यह विशेष समिति परीक्षा प्रणाली में एआई (AI), आधुनिक डिजिटल तकनीक, ब्लॉकचेन सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को सौंपेगी। सरकार का दावा है कि इस कड़े कानून और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशों से देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनेगा।







